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फर्जी दस्तावेज जमा करने पर आपदा प्रबंधन अधिकारी बर्खास्त, इन्हें मिला चार्ज

Sat, 25 Mar 2017 06:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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स्नातक प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े को लेकर जिलाधिकारी रंजना ने आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल की संविदा पर तैनाती को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विधिक (कानूनी) विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। इधर,उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र को आपदा प्रबंधन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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सेमवाल के स्नातक प्रमाण पत्रों को लेकर बीते वर्ष ऋषिकेश के एक युवक ने आरटीआई से जानकारी मांगी थी। इस पर, तत्कालीन डीएम डा. राघव लंगर ने एसडीएम के नेतृत्व में 20 जून 2016 को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी, जिसमें मुख्य शिक्षाधिकारी और सेवायोजन अधिकारी को शामिल किया गया था। जांच टीम ने विभिन्न स्तरों से जांच कर 9 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल द्वारा ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी नागालैंड से व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में वर्ष 2011 में कला वर्ग से स्नातक की डिग्री लेने का दावा किया है। लेकिन यह यूनिवर्सिटी वर्ष 2008-09 के बाद से अस्तित्व (मान्यता प्राप्त) में ही नहीं थी, जिस कारण सेमवाल की डिग्री विधिक रूप से मान्य नहीं पाई गई। 
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प्रशासन ने मामले में शासकीय अधिवक्ता (सिविल) से भी राय ली, तो उन्होंने भी कानूनी पहलुओं के आधार पर डिग्री को अमान्य पाते हुए निरस्त करने की बात कही थी। इसके आधार पर जिलाधिकारी रंजना ने तत्काल प्रभाव से सेमवाल की संविदा पर तैनाती को निरस्त कर दिया। बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर विधिक विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। इसके बाद ही संबंधित के खिलाफ कानूनी या अन्य प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। 

विदित हो कि 9 जनवरी 2015 को आशीष सेमवाल को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के पद पर संविदा के आधार पर तैनाती दी गई थी। छह-छह माह की संविदा अविधि के तहत वे कार्य कर रहे थे। इस वर्ष 9 जनवरी को उनकी संविदा अवधि समाप्त हो गई थी। लेकिन उन्होंने संविदा बढ़ाने के लिए भी प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी, आपदा प्रबंधन के मामले में भी दक्ष नहीं थे। उनकी तैनाती किस आधार पर की गई, इसे लेकर रुद्रप्रयाग के प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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