बच्चों के लिए सुविधाओं का होगा विकास
नई पुनर्वास कॉलोनियों में बेहतर जीवन के लिए सभी आवश्यक सामाजिक एवं नागरिक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। इनमें आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, बच्चों के खेलने के मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी। नई नीति में पारिवारिक विस्तार की वास्तविक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। अधिकारी बताते हैं कि अगर किसी झुग्गी में एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मंजिल पर अलग इकाइयों में रह रहे हैं तो निर्धारित अतिरिक्त शुल्क के साथ उन्हें भी पुनर्वास के दायरे में शामिल करने का प्रावधान किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे फ्लैट
सरकार पीपीपी मॉडल पर इन इमारतों का विकास करेगी। इससे पुनर्वास कार्य मिशन मोड में आगे बढ़ेगा और तयशुदा समय में लोगों को आवास मुहैया करवा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले के बारे में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में गरीबों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर आवास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम हो रहा है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना तथा ‘हर गरीब को पक्का घर’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए तेजी से काम कर रही है। यह निर्णय केवल मकान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।