पंजाब की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का 2017 का 11 अरब 6 करोड़ 59 लाख का बजट पारित हो गया है। नोटबंदी के बावजूद बजट पिछले बजट से 88 करोड़ रुपये ज्यादा है। पिछला बजट 10 अरब 18 करोड़ 49 लाख रुपये का था। एसजीपीसी के बजट में सबसे ज्यादा खर्च धार्मिक प्रचार प्रसार में होगा और खुद को हाइटेक करने पर भी काफी राशि खर्च होगी। धर्म प्रचार का बजट दोगुना हो गया है।
बजट पेश करते हुए एसजीपीसी प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बंडूगर ने कहा कि एसजीपीसी ने दुनिया भर में रहने वाले सिख कौम के साथ-साथ श्री हरमंदिर साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का खास ध्यान रखते हुए बजट तैयार किया गया है। श्री हरमंदिर साहिब में 50 प्रतिशत गैर सिख श्रद्धालु आते हैं। सिख कौम के साथ-साथ हर श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बजट में खास तव्वजो दी गई है।
सरबत खालसा के साथ बातचीत संभव
एसजीपीसी व सरबत खालसा के बीच चल रहे 36 के आंकड़े को दूर करने के लिए एसजीपीसी ने सरबत खालसा को न्यौता भेजा है कि वो मिलकर बातचीत से अपने विवाद दूर करे। ताकि मिलकर सिख धर्म प्रचार दुनिया भर में किया जा सके।
प्राइमरी से पांचवी तक धार्मिक पढ़ाई अनिवार्य
एसजीपीसी संचालित सभी स्कूलों में प्राइमरी से पांचवी तक की पढ़ाई में धार्मिक पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। इसी के साथ ही किसी भी प्राइवेट या सरकारी स्कूल में सिख धर्म की किताबें पढ़ाने वाले अध्यापक की आधा वेतन एसजीपीसी देगी।