संभावित है कि 31 मई से पहले कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। उधर, कमेटी ने प्रदेश के सभी कॉलेजों को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रोस्पेक्टस छापने पर रोक लगा दी है।
18 जून से कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में सरकार जून के पहले हफ्ते में ही सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने का फैसला ले सकती है। भाजपा के दृष्टि पत्र में रूसा के तहत सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त कर वार्षिक परीक्षा
प्रणाली पर लौटने की घोषणा की गई है। इस घोषणा को पूरा करने के लिए अप्रैल में सरकार ने प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सुनील गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है।
वीरवार को लगातार दूसरे दिन कमेटी की उच्च शिक्षा निदेशालय में बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में सेमेस्टर सिस्टम समाप्त करने को मंजूरी दे दी गई है। विश्वविद्यालय से मात्र औपचारिकता के लिए रिपोर्ट मांगी जा रही है।
रूसा के तहत अभी स्नातक कर रहे विद्यार्थियों की परीक्षाएं सेमेस्टर सिस्टम के तहत ही होंगी। इन्हें वार्षिक परीक्षा की प्रणाली में नहीं लौटाया जाएगा। सिर्फ कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों पर व्यवस्था लागू होगी।