रेप पीड़िता बेटी को इंसाफ न मिलने से आहत पिता के आत्महत्या करने के बाद भी पुलिस न जागी तो बेटी मीडिया के सामने आ गई। जालंधर में दादी के साथ शनिवार को बेटी ने मीडिया के समक्ष आक्रोश जताया। पीड़िता ने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेगी। उसने आरोप लगाया कि पुलिस अपने एएसआई व 10 आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
पीड़िता के मुताबिक उसकी चचेरी बहन के पति ने 2012 में उसके साथ दुराचार किया था। वह डरा धमकाकर उसकी अश्लील फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी की गोली लगने से मौत हो गई तो उसका परिवार पीड़िता को बदनाम करने लगा। पुलिस डिवीजन नंबर चार में शिकायत दी गई थी लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही कार्रवाई की गई। आखिरकार पिता ने सुसाइड कर ली।
पुलिस ने दीपिका, रमेश बब्बर, कमलेश बब्बर निवासी पठानकोट, मीना कुमारी जम्मू, रानो सहदेव, मीनू सहदेव, अश्वनी सहदेव, अश्वनी व मुकेश सहदेव व महिला पत्रकार पर केस तो दर्ज कर लिया लेकिन जिस एएसआई ने उसके पिता की शिकायत पर दो माह कार्रवाई नहीं की वह भी केस का आरोपी बनता है। पुलिस ने अपने एएसआई को केस में डालना तो दूर उसके खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की। लड़की ने अपनी दादी के साथ पत्रकार वार्ता में कहा कि अगर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेगी।