शबाना का कहना है कि पुलिस ने बात करने के लिए दोनों पक्षों को थाने में बुलाया था। थाने में चल रही बातचीत के दौरान उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके पति को तलाक देने के लिए उकसाया। इसके बाद उसके पति ने थाना प्रांगण में मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने ही तीन तलाक दे दिया।
रामपुर के मिलक थाने में समझौते के दौरान पति ने थाना प्रांगण में मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने विवाहिता को तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने इस मामले में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मिलक थाना क्षेत्र के ग्राम नसीराबाद निवासी शबाना की शादी नवंबर 2020 में जालिफनगला गांव निवासी राशिद के साथ हुई थी। विवाहिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग अक्सर उसको शादी में कम दहेज लाने का ताना देते हुए मारपीट करते थे। घर-परिवार की मान-मर्यादा के लिए वह सब कुछ बर्दाश्त करती रही। शबाना का आरोप है कि 14 जनवरी को ससुराल के लोगों ने उसको मारपीट कर घर से निकाल दिया और उसका तीन माह का बच्चा भी उससे छीन लिया। वह अपने बच्चे को मांगती रही, लेकिन ससुराल के लोगों ने उसे नहीं दिया। इसके बाद उसने फोन करके अपनी मां को बुला लिया। उसकी मां के कहने पर भी ससुराल के लोगों ने उस घर के अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद वह अपनी मां के साथ मायके आ गई। इसके बाद उसने मिलक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
शबाना का कहना है कि पुलिस ने बात करने के लिए दोनों पक्षों को थाने में बुलाया था। थाने में चल रही बातचीत के दौरान उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके पति को तलाक देने के लिए उकसाया। इसके बाद उसके पति ने थाना प्रांगण में मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने ही तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने इस मामले में महिला की तहरीर के आधार पर राशिद अली, शफात अली, कनीजन, आशक अली, सावरी, अफसर अली और अख्तर अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।