देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर रविवार को फिर से जल्दबाजी में रेलवे क्रॉसिंग पार करने के चक्कर में तीन घंटे में ही दो हादसे हो गए, जिसमें दोनों ओर से रेलवे गेट टूट गया। रेलवे गेट टूटने के दौरान यहां बड़ा हादसा होने से बच गया। रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए वैकल्पिक गेट लगाकर ट्रेनों का संचालन जारी रखा। इससे रेल यातायात ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।
ललितपुर रेलवे स्टेशन से हर रोज करीब 180 से 200 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिसके चलते देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग गेट हर रोज करीब 16 से 17 घंटे तक बंद रहता है। इसी वजह से यहां देवगढ़ क्रॉसिंग गेट पर एक रोड ओवरब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। लेकिन रेलवे और राज्य सरकार में सहमति नहीं बनने के कारण यह प्रस्तावित आरओबी का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। जबकि दिन में 16 से 17 घंटे अलग-अलग समय में यह गेट बंद रहने और काफी कम समय या कुछ ही सेकंडों या कुछ मिनटों तक ही खुलने के कारण देवगढ़ रोड पर चलने वाले वाहन चालक रेलवे के क्रॉसिंग गेट के नीचे से जल्दबाजी में अपने वाहन निकालते हैं, जिस वजह से कई बार वाहन लगने से गेट टूट जाता है। रविवार की सुबह करीब पौने आठ बजे देवगढ़ क्रॉसिंग पर देवगढ़ रोड से नेहरूनगर की ओर जा रहे कुछ लोगों ने बंदे गेट से अपने वाहन निकालने के लिए गेट को ऊपर की ओर उठाया, जिससे एक ओर का गेट टूट गया। इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी गई और गेट मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। वहीं, करीब तीन घंटे बाद सुबह करीब 11.20 बजे रेलवे गेट खुले होने पर ललितपुर से जीरोन की ओर जा रहा एक डीजे रखा वाहन खुले गेट से निकला, लेकिन उक्त डीजे का एक एंगल गेट के बूम उपकरण में फंस गया और गेट टूट गया। रेलवे कर्मचारियों ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी, जिस पर आरपीएफ ने डीजे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और थाने में रखवा दिया। इस दौरान कई ट्रेनों के निकलने का समय हो रहा था, लेकिन गेट टूटने के दौरान कोई रेल यातायात प्रभावित न हो इसके लिए रेलवे द्वारा वैकल्पिक रूप से इंटरलॉकिंग गेट बनाया गया है, जिसे उक्त रेलवे गेट टूटने पर इंटरलॉकिंग गेट लगाकर ट्रेनों की आवाजाही सुचारु रखी गई। आरपीएफ द्वारा उक्त डीजे वाहन चालक के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। दोपहर बाद तक रेलवे गेट सुधारने का कार्य किया गया।