जिस कर्ज माफी का वायदा कर कांग्रेस सरकार पंजाब में सत्ता में आई। अब उसी मुद्दे पर सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। हाल ही केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू की तरफ से यूपी के किसानों के लिए कर्ज माफी का बयान, पंजाब के लिए मुश्किल खड़ा करता दिखाई दे रहा है। यूपी के किसानों के कर्ज माफ करने संबंधी केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू की घोषणा के बाद पंजाब के किसान गुस्से में हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता ने सोमवार को यहां बैठक करके एलान किया कि इसके खिलाफ 29 मार्च को दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा और 30 को संसद का घेराव करके रोष रैली निकाली जाएगी।
यूनियन के जिला प्रधान डॉ. दर्शन पाल और प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि यूपी के किसानों की खुदकुशियों की दर पंजाब से कहीं कम है। पंजाब के किसान डेढ़ दशक से आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी कर रहे हैं। कर्ज के कारण आए दिन जान देने को मजबूर हैं। मोदी सरकार की ओर से बाहर से 50 लाख टन गेहूं मंगवा कर पंजाब के किसानों के साथ धोखा किया गया है।
इस गेहूं के आने से यहां के किसानों का गेहूं मंडियों में पड़े रहने का खतरा है। पिछले समय के दौरान आलू और बासमती की उपेक्षा हुई। इसलिए अब किसान और नहीं सहेंगे। जगमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार से स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू कराने, किसानों के कर्ज माफ कराने की मांग को लेकर 29 मार्च को उनकी यूनियन की ओर से अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर 30 मार्च को संसद भवन का घेराव करके रोष रैली की जाएगी।