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ग्राम रोजगार सेवकों को नौकरी से बर्खास्त करने पर क्या बोले धूमल

Mon, 29 May 2017 12:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश में खनन, भू-माफिया, ड्रग, शराब और ट्रांसफर माफिया का राज चल रहा है। माफिया को कांग्रेस सरकार का पूरा संरक्षण है। वह रविवार को बजौरा में बंजार भाजपा मंडल की ओर से आयोजित माफिया राज हटाओ, हिमाचल बचाओ रैली में बतौर मुख्यातिथि जनसभा को संबोधित कर रहे थे। 
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उन्होंने कहा कि जनता बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही है कि कब प्रदेश की कांग्रेस सरकार जाए और भाजपा आए। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए इसे अन्याय बताया है। धूमल ने कहा कि सूबे में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। 

कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए साढ़े चार साल बीत गए पर स्कूली बच्चों को वर्दी नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने सत्र में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही थी, लेकिन आज तक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने भाजपा द्वारा सौंपी गई कांग्रेस मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों की चार्जशीट पर कहा कि सत्ता में आते ही इसकी छानबीन की जाएगी। 
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बोले-भाजपा में आने वालों का स्वागत

धूमल ने कहा कि कांग्रेस के जो लोग भाजपा में आना चाहते हैं, चाहे मंत्री हों या विधायक, उनका स्वागत है। भाजपा के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि तीन सालों में केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र में कड़े फैसले किए हैं। इसमें चाहे पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक हो, नोटबंदी या फिर जीएसटी। 

केंद्र की तय सीमा से अधिक ऋण ले रही राज्य सरकार : भाजपा
भाजपा ने प्रदेश सरकार के दो माह में 1200 करोड़ का ऋण लेने को केंद्र के तय मानकों का उल्लंघन बताया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण कुमार शर्मा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अनैतिक कार्य कर रही है। इसके चलते पहले ही प्रदेश 48 हजार करोड़ कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।

प्रदेश में सक्रिय माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए ऋण लिया जा रहा है, जिससे जनता कर्ज के मकड़जाल में उलझ कर रह गई है। अब तक लिए ऋण के बाद प्रत्येक प्रदेश वासी 71 हजार 428 रुपये के कर्जे में डूबा हुआ है। कुल बजट का 9.78 प्रतिशत हिस्सा ऋणों के ब्याज भुगतान में जा रहा है।

9.93 प्रतिशत ऋणों की अदायगी पर खर्च हो रहा है। लगातार लिए जा रहे ऋण से कुल बजट का 20 प्रतिशत उसकी अदायगी में निकल जाएगा। शर्मा ने प्रदेश सरकार से चार वर्षों के दौरान लिए ऋणों और उनके व्यय के बारे में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
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