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एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं मिलने से आठ माह की गर्भवती की मौत, तीन घंटे बाद पहुंचाया अस्पताल

Sun, 28 Jan 2018 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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आपात स्थिति में बुलाई गई 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन न मिलने से आठ माह की गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया। दर्द से कराह रही सीता देवी (32) को तीन घंटे बाद अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

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महिला के पति जगदीश चंद का आरोप है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं थी। सांस की दिक्कत होने पर जब एंबुलेंस संचालकों को बताया तो वे अन्य साथियों से ऑक्सीजन लाने के बारे में कहते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। 

जगदीश चंद ने ढली थाने में लिखित शिकायत दी है जिसमें एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि लापरवाही के चलते उनकी पत्नी और गर्भ में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत हो गई है। 

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मामले पर 108 एंबुलेंस के संचालकों ने ये कहा

उधर, 108 एंबुलेंस के संचालकों का कहना है कि महिला को ऑक्सीजन लगाई गई थी। जिला शिमला की मुंडाघाट तहसील के कैंथाढाला निवासी जगदीश चंद की पत्नी को शुक्रवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वे उसे निजी वाहन में चीनी बंगला तक ले आए। 

इसी दौरान उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया। शिमला से एंबुलेंस पहुंची। महिला को एंबुलेंस में डाला, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। उसे सांस की दिक्कत होने लगी। महिला के पति का आरोप है कि जब एंबुलेंस संचालकों को कहा तो उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन नहीं है।

वे अन्य साथियों से ऑक्सीजन लाने के लिए कहते रहे, लेकिन मदद नहीं मिली। तीन घंटे बाद मरीज को आईजीएमसी शिमला पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा का कहना है कि महिला के पति की शिकायत आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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क्या कहना है एंबुलेंस मैनेजर का 

108 एंबुलेंस के शिमला डिवीजन के प्रोग्राम मैनेजर आकाशदीप का कहना है कि गर्भवती महिला की मौत होने की जानकारी मिली है। केस का पूरा ब्योरा मांगा गया है। दोपहर 3.26 पर एंबुलेंस के लिए कॉल आई थी। महिला को ऑक्सीजन लगाई गई थी। मरीज को शाम 6.38 बजे आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया। 
जाम में भी फंसी रही एंबुलेंस
जगदीश चंद का कहना है कि उनकी पत्नी को दोपहर डेढ़ बजे के करीब प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद 108 एंबुलेंस सेवा को सूचित कर दिया गया था। एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं थी। अस्पताल ले जाने के दौरान एंबुलेंस जाम में भी फंसी रही। बता दें कि 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई केस आ चुके हैं।
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