एशिया की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट का मामला फिर से गरमाने लगा है। 13 साल से प्लाट व पंचायती जमीन पर कुंडली मार कर बैठने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई तेज हो गई है। लगातार 14 दिन से चल रही सुनवाई के दौरान हुडा ने भी अब अपना पक्ष रखा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) ने 14 साल पहले सिकंदरपुर की पंचायत की जमीन व शीतला माता रोड पर बैठे मार्बल कारोबारियों को विस्थापित करने के लिए सेक्टर 34 में मार्केट का विकास किया। इसमें 153 लोगों को प्लाट का आवंटन किया गया।
प्लॉट आवंटन के दौरान आवंटी 25 प्रतिशत हुडा में जमा कर चुके हैं। इसके बाद से मामला अदालत में है। आलम यह है कि 14 साल से कारोबारियों का पंचायत की जमीन और प्लाट दोनों पर कब्जा है।
प्रदेश सरकार की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जब हुडा की ओर से अदालत में पैरवी तेज कर दी गई है। 14 दिन से हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। मामला आवंटन को लेकर फंसा हुआ है।
कई कारोबारियों पर आरोप है कि एक प्लाट की जगह चार या पांच प्लाट आवंटित करा लिया है। ऐसे में अलग-अलग लोगों की सुनवाई चल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही फैसला होगा।
पैसे के अभाव से जूझ रही हुडा को मार्केट का मामला साफ हो जाने पर 100 करोड़ बकाया राशि मिलने की उम्मीद है। कानूनी-दांवपेंच के चक्कर में पैसा जमा करने पर भी स्थगन आदेश लगा हुआ था। कारोबारियों की ओर से पैसा नहीं दिया जा रहा था। हुडा ने सड़क पानी-सीवर सब बंद कर रखा है।