एलडीए के इंजीनियर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में भी गड़बड़ करने से बाज नहीं आए। सीएम को ही अंधेरे में रख मुंबई से पैडल बोट की खरीदारी कर ली और बता दिया कि कनाडा से मंगवाई गई है।
ये मामला तब खुला जब पहले दिन से ही बोट में दिक्कतें आने लगीं। गौर करने वाली बात ये है कि इस पेडल बोट का उद्घाटन के दौरान पांच मंत्री मौजूद रहे।
उद्घाटन वाले दिन अभिषेक मिश्र के साथ होमगार्ड मंत्री अवधेश प्रसाद, स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान मंत्री शिवप्रताप सिंह यादव, धमार्थ कार्य राज्यमंत्री विजय मिश्रा, खेलकूद एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री रामकरन ने भी पेडल बोट में सवारी की थी।
अब मामला खुलने के बाद दूसरी कंपनी से 15 नई बोट खरीदने की प्रक्रिया एलडीए ने शुरू करा दी। एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह ने इस मामले की जांच शुरू कराई है। वहीं मुंबई की कंपनी को बाकी 50 बोट की आपूर्ति के लिए पैडल बोट के डिजाइन में ही बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को भी पैडल बोट में पानी भरने और खराब होने की समस्या बनी रही। इसकी वजह से बोटिंग कराने से पहले पैडल बोट से पानी निकालना पड़ रहा था। वहीं दो बतख की शेप की बोट को बोटिंग के लिए उतारा गया।
हर राइड के बाद स्टाफ निकालता है पानी
जनेश्वर मिश्र पार्क
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दूर नहीं किया जा सका है। एक बार बोटिंग होने के बाद दोबारा किसी को बोट देने केलिए पहले एक स्टाफ पानी निकालता है। इसके बाद ही इसे दोबारा बोटिंग के लिए देना संभव हो पाता है। ऐसे में पूरे समय पेडल बोट के झील में पलटने का भी डर बना रहता है।
बोट में खराबी आने के बाद खुद वीसी जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे। करीब दो घंटे तक रूककर वहां उन्होंने बोट संचालन को देखा। वीसी ने बताया कि कुछ दिक्कतों को नोटिस किया गया है।
इसके लिए मुंबई से कंपनी की टीम शनिवार को आ जाएगी। कंपनी के इंजीनियर्स इन कमियों को दूर करने पर काम करेंगे। पानी भरने की समस्या बोट में वाटरप्रूफ कैपिंग नहीं होने की वजह से है।
इसके अलावा पीछे बैठने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए इंतजाम होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर झील में उनके फिसलने का खतरा बना हुआ है। वीसी ने कंपनी से बोट में सुरक्षा इंतजाम करने को कहा है, नहीं तो सभी नावें वापस कर दी जाएंगी।
बता दें कि उद्घाटन के दिन ही झील में उतारी गईं पेडल बोट खराब हो गईं थी। झील के बीच में पहुंचने के बाद पेडल से जुड़ी लोहे की पतवार ने घूमना बंद कर दिया। इससे बोट झील में ही फंस गईं। तीन रिपोर्टर इस पेडल बोट में थे।
रेस्क्यू बोट बुलाए जाने के बाद भी वहां नहीं पहुंची। इसके बाद किसी तरह पेडल बोट में ही बंधी रस्सी से खींचकर उसे किनारे पर लाया गया। यह वाकया तभी हुआ जब मंत्री खुद पेडल बोट में झील में बोटिंग कर रहे थे।