इस बीच स्पीकर डा. राजीव बिंदल ने कहा कि उनके पास कांग्रेस विधायक मुकेश अग्निहोत्री, आशा कुमारी, सुखविंद्र सिंह सुक्खू और जगत सिंह नेगी की ओर से स्थगन प्रस्ताव के नियम 67 के तहत नोटिस आए हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री अपनी बात रखें।
अग्निहोत्री ने इस दौरान जख्मी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फोटो सदन में लहराए। उन्होंने कहा कि शिमला में पुलिस ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर निर्ममता से उनका खून बहाया है। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव पर भी चर्चा मांगी।
साथ ही कहा कि इसमें मजिस्ट्रीयल इन्कवायरी होनी चाहिए। सुक्खू ने भी कहा कि दूध का दूध पानी का पानी साफ होना चाहिए। मगर इस बीच नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही कसूरवार बताते रहे और इस मामले में दुष्प्रचार नहीं करने की बातें दोहराते रहे।
इस पर विपक्ष दोबारा आक्रामक हो गया। अग्निहोत्री बोले कि इस पर जवाब सीएम से आना चाहिए और राकेश पठानिया दे रहे हैं। इस पर दोनों पक्षों में फिर से नोकझोंक हुई। करीब पौने तीन बजे नारेबाजी करते हुए मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में विपक्ष के सदस्य दोबारा वेल में चले गए।
वहां दोबारा चेयर का घेराव किया। इसके बाद वाकआउट किया। पौने तीन बजे ही स्पीकर डा. राजीव बिंदल ने प्रश्नकाल की घोषणा की। फिर बगैर विपक्ष के ही प्रश्नकाल चला।
तीन बजे प्रश्नकाल खत्म होने के बाद सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार इस मामले में नियम 67 के तहत चर्चा के लिए भी तैयार है, मगर विपक्ष का रवैया सही नहीं है।
उन्होंने विपक्ष की मांग के अनुरूप इस मामले में मजिस्ट्रीयल इन्कवायरी की घोषणा कर दी। सीएम की इस घोषणा के बाद करीब सवा तीन बजे विपक्षी सदस्य सदन में लौट आए।