आयकर कटौती के प्रावधान के जरिये सरकार टैक्स संग्रह करती है।
कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (किटबा) की शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित आयकर भवन में अध्ययन गोष्ठी हुई। इसमें स्रोत पर आयकर कटौती के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि आयकर आयुक्त (टीडीएस) मनीष मिश्रा ने बताया कि आयकर कटौती के प्रावधान के जरिये सरकार टैक्स संग्रह तो करती ही है, साथ ही करदाताओं की सूचनाएं भी एकत्र करती है। बहुत से ऐसे करदाता हैं जिनका टीडीएस तो कटता है लेकिन उनका रिटर्न दाखिल नहीं होता।
संस्था के अध्यक्ष सीए गोविंद कृष्ण ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में स्रोत पर कर कटौती के प्रावधानों में बदलाव किया है। अब विभिन्न संस्थाओं को भी इस नियम का पालन करना होगा। अन्यथा उनकी ओर से क्लेम किए गए विभिन्न खर्चों को अमान्य कर दिया जाएगा। उस पर आयकर देना होगा। यदि किसी विदेशी को भुगतान किया जाता तो विदेशी को होने वाली आय आयकर अधिनियम के अनुसार भारत में स्रोत से अर्जित आय मानी जाएगी। यानी स्रोत पर आयकर की कटौती करनी होगी।
सीए एमएल जैन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए बताया कि यदि किसी विदेशी की ओर से भारत में एक निश्चित स्थान पर सेवाएं दी जाती हैं तो आयकर कटौती करनी होगी। सीए अंकुर गोयल ने बताया कि यदि हम 30,000 से अधिक का भुगतान करते हैं तो एक प्रतिशत की दर से आयकर काटकर जमा करना होगा। इस दौरान महामंत्री अवधेश मिश्र, अनिल साहू आदि मौजूद रहे।