हिज्ब आतंकी एय्याज अहमद वानी को सोमवार को स्थानीय अदालत ने 10 दिनों की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। उसे रविवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वानी डोडा जिले के बेली का रहने वाला है। एसएसपी राजेंद्र कुमार गुप्ता के अनुसार, पिछले दिनों एक ओजीडब्ल्यू पकड़ा गया था। इसी दौरान कुछ अहम जानकारी मिली थी। इसके बाद इस आतंकी को दबोचने में कामयाबी मिली।
दो भाई भी थे आतंकी
बताया जा रहा है कि इसके पहले भी वानी के दो भाई, रियाज अहमद वानी और नियाज अहमद वानी आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। जिन्हें 1993 और 2003 में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
सीमा पार आतंकी गुटों से संपर्क में था
पता चला है कि पकड़े गए आतंकी के पाकिस्तान में आतंकी गुटों के साथ संपर्क रहे हैं और यह किश्तवाड़ और डोडा में नए सिरे से आतंकी बनाने का प्रयास कर रहा था, जिसे विफल कर दिया गया है।
डोडा में हुर्रियत का जिला प्रधान है वानी
इसके बारे में यह भी बताया गया है कि यह डोडा में हुर्रियत कांफ्रेंस का जिला प्रधान के नाते भी काम कर रहा था। इसके बारे में पुख्ता जानकारी मिलने के बाद किश्तवाड़ में कई जगह पर छापेमारी की गई, जिसके बाद इसे पकड़ा गया। कहा जा रहा है कि इसका दुख्तरान-ए-मिल्लत व यासमीन राज कश्मीर निवासी के साथ भी संपर्क रहा है।
हारुन के पीछे भी इसका हाथ
आशंका जताई जा रही है कि हाल में डोडा का एक युवक हारुन आतंकी बना है, उसके पीछे भी इसी का हाथ है। एसएसपी का यह भी कहना है कि कुछ दिनों में कुछ अन्य भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं।