जोन एक के तहत आने वाले इलाकों में 29 मई यानि मंगलवार को पानी की सप्लाई दी जाएगी। इसमें कसुम्पटी और पंथाघाटी में सुबह सात से दोपहर 12 बजे, छोटा शिमला और विकासनगर में दोपहर चार से
रात 9 बजे तक, पटयोग, कंगनाधार और न्यू शिमला में सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक, खलीनी में शाम 4 से रात 9 बजे तक और इन वार्डों के साथ लगते क्षेत्रों में पानी दिया जाएगा।
जोन दो के तहत आने वाले इलाकों में 30 मई को पानी की सप्लाई दी जाएगी। इसके तहत भराड़ी, रुलदुभट्ठा, कैथू, अनाडेल, समरहिल, टूटू, मज्याठ, बालूगंज, कच्चीघाटी, टूटीकंडी, कनलोग, नाभा, फागली और इसके साथ लगते क्षेत्रों में पानी दिया जाएगा।
पेयजल संकट के बीच निगम भी पानी की बर्बादी कर रहा है। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जा रही है, वहां दो से चार घंटे तक पानी दिया जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर घरों की टंकियां ओवरफ्लो भी हो रही है।
शहर के तीसरे जोन में 31 मई को पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसमें इंजनघर, कृष्णानगर, राम बाजार, लोअर बाजार, जाखू, बैनमोर, संजौली चौक, ढली, मशोबरा, भट्ठाकुफर, शांति
विहार, समिट्री, मल्याणा और इसके साथ लगते इलाकों में भी पानी की आपूर्ति दी जाएगी। नगर निगम रेडियो के जरिये भी लोगों को पेयजल आपूर्ति की अपडेट देगा।
शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर सरकार और नगर निगम के दावों और आंकड़ों से जनता चकरा गई है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को शहर को मिल रही पानी की आपूर्ति के आंकड़े जारी किए।
बताया कि मई महीने में शहर को 28.93 एमएलडी पानी मिल रहा है जो पिछले साल 35. 64 एमएलडी की तुलना में करीब साढ़े पांच एमएलडी कम है। शहर को सामान्यता 45 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है।
इस तरह सप्लाई करीब 17 एमएलडी ही घटी है। ऐसे में इतना पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। उधर, नगर निगम के आंकड़ों कुछ और ही कह रहे हैं। निगम इन दिनों करीब 22 एमएलडी पंपिंग और 19 एमएलडी शहर को पानी मिलने के आंकड़े जारी कर रहा है। यह सरकार के आंकड़ों से काफी कम है। ऐसे में किसके आंकड़ें सही है, इस पर संशय पैदा हो गया है।
पेयजल संकट के बीच निगम भी पानी की बर्बादी कर रहा है। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जा रही है, वहां दो से चार घंटे तक पानी दिया जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर घरों की टंकियां ओवरफ्लो भी हो रही है।
ओकओवर में भी चार घंटे से ज्यादा पानी की सप्लाई दी गई जबकि पंथाघाटी में भी टंकियां ओवरफ्लो होने की सूचना है। लोगों का कहना है कि निगम चार घंटे सप्लाई देने की बजाय रोजाना एक घंटे पानी दे तो बर्बादी नहीं होगी।