यहां जब नगर निगम का कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब देने नहीं पहुंचा तो महिलाओं की अगुवाई में लोग सीएम आवास की ओर चल दिए। होटल मरीना के पास पुलिस ने इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान पुलिस ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई है। इसके बाद मौके पर पहुंचे एएसपी, एडीएम और एसडीएम शिमला को घटना से सूचित करवाया गया। अधिकारियों ने दोषी पुलिस अफसरों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिसके बाद लोग वापिस लौट गए। सुषमा कुठियाला ने बताया कि सोमवार को नगर निगम के पार्षदों के साथ पूरे प्रकरण की शिकायत एसपी शिमला से की गई और डीजीपी को भी सूचित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि पार्षद की ओर से शिकायत मिली है। मामले की पूरी जांच होगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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शिमला पुलिस ने सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में राम बाजार वार्ड से नगर निगम पार्षद सुषमा कुठियाला और उनके पति संजीव कुठियाला और उनके बेटे के खिलाफ थाना छोटा शिमला में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पार्षद सुषमा कुठियाला और उनके पति संजीव कुठियाला ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस पूरे प्रकरण की पुलिस को छोड़ कर किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की है। कहा है कि यह महिलाओं की अस्मिता का सवाल है। पुलिस कभी भी अपने सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।