माता वैंष्णों देवी की प्राकृतिक पिंडी
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साल के पहले दिन भक्तों का सैलाब मुरादों की झोली लेकर वैष्णो माता और भोलेनाथ के दरबार में उमड़ पड़ा। अल सुबह से देर रात तक भक्तों की चहलकदमी बनी रही। इससे धर्मनगरी कटड़ा और बाबा की नगरी रनसू शिवखोड़ी में रौनक बनी रही। इसके अलावा उधमपुर के विभिन्न मंदिरों में भी साल के पहले दिन भक्तों की ज्यादा भीड़ देखी गई। देविका स्थित मंदिरों में सुबह से दोपहर तक लोग जमे रहे।
वर्ष 2017 के पहले दिन देर शाम सात बजे तक 30 हजार भक्त कटड़ा में माता के दर्शन के लिए पंजीकरण करवा चुके थे। देर शाम तक करीब 35 हजार श्रद्धालुओं के पंजीकरण करवाने का अनुमान था।
इससे पूर्व वर्ष 2016 के आखिरी दिन 53 हजार भक्तों ने पंजीकरण करवाया था। उनकी भीड़ भी दिन भर बनी रही। कटड़ा से लेकर भवन तक भक्तों की खचाखच भीड़ रही। भवन पर भक्तों को लाकर रूम में भी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कंबल स्टोर के भी हालत वैसे ही थे। नए साल को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
दूसरी ओर शिवखोड़ी धाम में भी नव वर्ष के पहले सुबह से देर शाम तक आस्था का सैलाब दिखा। आधार शिविर रनसू में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। घंटों लोग कतार में खड़े होकर पर्ची लिया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा बाबा के दरबार में लगी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की तरफ से लंगर का आयोजन किया गया था।
31 दिसंबर की मध्य रात को विशेष आरती का आयोजन किया गया। जिसमें शामिल होकर भक्त खुद को धन्य समझ रहे थे। वृद्ध और कमजोर लोगों में भी गजब का उत्साह था। बड़ी संख्या में भक्तों ने घोड़ों और पिट्ठू का सहारा लिया।