नए साल के पहले बड़े पर्व मकर संक्रांति को इस बार दो दिन मनाने का मौका मिल रहा है। शनिवार से शुरू हुआ पर्व दूसरे दिन रविवार की दोपहर ढाई बजे तक मनाया जा सकेगा। उदयातिथि होने से रविवार को भी मकर संक्रांति का पुण्यकाल दिनभर माना जा रहा है। इंदौर में मकर संक्रांति पर अलग ही माहौल रहता है। शहर में शनिवार को पंतगों के पेंच खूब लड़े और तिल-गुड़ देकर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। समाजों के बड़े आयोजन रविवार को रखे गए हैं।
बता दें कि देश के सबसे साफ शहर इंदौर में त्योहारों की रौनक भी अलग ही होती है। मकर संक्रांति भी यहां इंदौरी मकर संक्रांति हो जाती है। पतंगबाजी, गिल्ली-डंडा, तिल-गुड़ का उत्साह और कई समाज के आयोजन इसमें चार चांद लगा देते हैं। ठेठ इंदौरी सुबह से ही पतंग को लेकर छत पर गैंग बनाकर पतंगबाजी करते हैं। छत पर डीजे लगाए जाते हैं। युवा-.युवतियां जमकर झूमते हैं।