स्थायी लोक अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी को उपभोक्ता की गाड़ी का 7.18 लाख का इंश्योरेंस क्लेम देने के आदेश दिए है। साथ ही कंपनी पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसमें उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी व कानूनी खर्च भी शामिल है। यह भुगतान कंपनी को 30 दिन में करना होगा। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है तो पूरी रकम पर 12 फीसदी ब्याज देना होगा। इस संबंध में तहसील आनंदपुर साहिब के गांव सैदपुर निवासी रनजोध सिंह ने केस दायर किया था। याचिका में रनजोध सिंह ने कहा कि उसने एक महिंद्रा एक्सयूवी खरीदी थी। उन्होंने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की रूपनगर ब्रांच से 10.50 लाख की इंश्योरेंस करवाई थी। इसी बीच हादसा हो गया। इसमें गाड़ी को बहुत नुकसान पहुंचा। कंपनी के सर्वेयर ने 710418.18 रुपये की इसकी कीमत तय की। इंश्योरेंस कंपनी ने उसे मुआवजा नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने स्थायी अदालत में केस दायर किया। अदालत में इंश्योरेंस कंपनी ने माना की सर्वेयर ने सर्वे किया था। इसमें उन्होंने नुकसान का अनुमान 71041818 रुपये आंका था। इसके बाद अदालत ने अपने स्तर पर समझौते के प्रयास किए। लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी से पूछा कि ऐसी कोई शर्त नहीं है कि एक्सिडेंट होने पर गाड़ी की मरम्मत करवानी पड़ेगी। तभी इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा ऐसा कोई प्रावधान है। वहीं, यह कार मालिक का हक बनता है कि वह किसी भी स्थिति में अपना बनता मुआवजा ले सकते है।