कैलेंडर इकलौती चीज है, जो साल भर आपकी आंखों के सामने रहती है। कैलेंडर अब केवल बेडरूम में सजाने, ऑफिस के केबिन को सुंदर बनाने, वर्ष भर के पर्वों और छुट्टियों की तिथियों को जानने में नहीं लगाए जा रहे बल्कि इनके मायने बदल चुकेें हैं। अब लोग अपने यादगार लम्हों को कैलेंडर में सजा रहे हैं। कानपुराइट्स को पसंद आ रहे हैं वे कैलेंडर जिनमें उनकी यादगार तिथियां व फोटोज हों।
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यादों का कैलेंडर
अभी तक कैलेंडर सिर्फ शुभ मुहूर्त, त्योहार की तिथियों आदि से अवगत कराते थे। लेकिन तकनीक ने इन्हें एक नए रूप में प्रस्तुत किया है। जिंदगी के यादगार लम्हों को हर दिन जीने के लिए आप बर्थडे, शादी, बच्चों की तस्वीरों को कैलेंडर में बदलकर न केवल अपने घर में सजा सकते हैं बल्कि अपने मित्रों व रिश्तेदारों को भेंट भी कर सकते हैं।
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अट्रैक्टिव टेबल कैलेंडर
स्टाइलिश और अट्रैक्टिव टेबल कैलेंडर के साथ अब युवाओं को फेवरेट पर्सनालिटी और फ्रेंड्स के फोटो कैलेंडर्स रास आ रहे हैं। युवाओं ने ट्रेंड को बिल्कुल बदल दिया है। अब धार्मिक चित्र व सीनरी कैलेंडर की डिमाण्ड नाम मात्र ही बची है। अब लोग फेवरेट स्टार्स व फ्रेंड्स के साथ फोटो कैलेंडर्स के ही ऑडर दे रहे हैं।
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पोस्टर कैलेंडर का नया ट्रेंड
अभी तक लोग टेबल कैलेंडर ही बनवाते थे लेकिन अब पोस्टर कैलेंडर का ट्रेंड लोगों को खूब भा रहा है। लोग अपनी सिंगल फोटो व कोलाज को एडिट करवाकर स्टीकर पोस्टर कैलेंडर बनवा रहे हैं। इन्हें एक स्थान पर चिपकाकर सुरक्षित रखा जा सकता है।
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सबसे पुराना चीनी कैलेंडर
आज से ठीक 4 दिन बाद नया साल आ जाएगा। यह नया साल उस कैलेंडर के हिसाब से है जिसका आज हम सब इस्तेमाल करते हैं। यह कैलेंडर जूलियस सीजर ने दो हजार साल से भी पहले बनवाया था। वैसे इससे भी पुराना चीन का कैलेंडर है। यह कैलेंडर (इंग आंग ली) है। यह 5000 साल से भी अधिक पुराना है। कहा जाता है अलग-अलग समय पर चीन में 102 तरह के कैलेंडर इस्तेमाल हुए। बाद में 1911 में यहां भी आजवाला ग्रेगोरियन कैलेंडर अपना लिया गया।
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ग्रेगोरियन कैलेंडर
ग्रेगोरियन कैलेंडर जूलियस सीजर ने 46 ईसा पूर्व खगोलशास्त्री सोसिजीनस की सलाह पर बनवाया था। उसी समय यह भी तय हुआ कि नया महीना जनवरी से शुरू होगा। महीनों की संख्या 12 ही थी लेकिन महीनों में दिनों की संख्या उतनी नहीं थी जितनी आज है। फरवरी उस समय 29 दिन की हुआ करती थी और लीप ईयर 30 दिन का। बाद में सीजर के उत्तराधिकारी ऑगस्टस सीजर ने इनमें से एक दिन कम करके जुलाई और अगस्त में दिनों की संख्या बराबर कर दी। इसलिए अब फरवरी में 28 दिन होते हैं और लीप ईयर में 29 दिन।
हिन्दू कैलेंडर
हिन्दू कैलेंडर में 12 महीने होते हैं। यह सूरज और चांद दोनों के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें पहला महीना चैत्र होता है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर को मार्च महीने में पड़ता है। सभी हिन्दू त्योहार इसी कैलेंडर के आधार पर मनाए जाते हैं। इसीलिए दीवाली-होली हर साल उसी तारीख को नहीं आते, जिस तरह क्रिसमस आता है।