झज्जर। नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था बीमार पड़ गई है। नागरिक अस्पताल में बनी अव्यवस्थाएं मरीजों का मर्ज बढ़ा रही हैं। एंबुलेंस की हालत तो ऐसी है कि राह चलते कभी भी खराब हो जाती हैं।
कभी पहिया निकल जाता है तो कभी इंजन बंद पड़ जाता है। ऐसा पिछले तीन दिन में दो बार हो चुका है। पहला मामला बेरी का है, जहां चलती एंबुलेंस का पहिया निकल गया और दूसरा मामला बहादुरगढ़ रोड का है, जहां एंबुलेंस का इंजन बीच रास्ते बंद पड़ गया। एंबुलेंस में सवार महिला को अस्पताल ले जाने के लिए दूसरी एंबुलेंस बुलानी पड़ी।
जिले में करीब 22 एंबुलेंस हैं। इनमें से पांच एंबुलेंस झज्जर और तीन बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में तैनात गई हैं। इसके अलावा बेरी, मातनहेल, दूबलधन, छारा, डीघल, माछरौली, ढाकला और जहांगीरपुर के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एक-एक एंबुलेंस सहित अन्य जगह पर तैनात की गई है। मगर परेशानी यह है कि इनमें से ज्यादातर एंबुलेंस कंडम की श्रेणी में जा चुकी हैं। मगर विभाग की ओर से नई एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण यहां पुरानी से ही काम चलाना पड़ रहा है।
तीन लाख किलोमीटर तक चल चुकी एंबुलेंस
झज्जर जिले में तैनात लगभग सभी एंबुलेंस एक लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। इनमें से कुछ तो ऐसी हैं जो ढाई से तीन लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं। यह एंबुलेंस कहीं भी जाती हैं तो रजिस्टर में इनके किलोमीटर दर्ज किए जाते हैं। एंबुलेंस इतनी पुरानी हो गई हैं कि अब उनका लोहा भी गलने लगा है। कुछ एंबुलेंस की पीछे की लाइट टूटी हुई हैं। कुछ का दरवाजा फंसा रहता है तो कुछ स्टार्ट होने में ही परेशानी करती हैं। ऐसे में इन एंबुलेंस में बढि़या काम होने की उम्मीद ही नहीं की जा सकती है।
वर्जन
विभाग की ओर से नई एंबुलेंस आनी हैं। इसके बारे में पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है नागरिक अस्पताल को नई एंबुलेंस जल्द मिलेंगी। इनके आने के बाद व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार होगा। -डॉ. सुशील, डिप्टी सीएमओ, रेफरल ट्रांसपोर्ट