ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग संबंधी याचिका पर अदालत में चल रही सुनवाई के मामले में अगली तिथि 28 अप्रैल नियत की गई है। प्रकरण की सुनवाई कर रही सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट आशुतोष तिवारी की अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस प्रकरण से संबंधित लंबित मामले को देखते हुए नई तिथि नियत की है।
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अदालत में मंगलवार को सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के अधिवक्ता मुमताज अहमद ने हाईकोर्ट द्वारा मुकदमे की कार्यवाही को स्थगित करने के आदेश की प्रति पेश की। इस पर अदालत ने सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तिथि नियत कर दी। गौरतलब है कि प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर व अन्य के वाद मित्र अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने अदालत में याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग की है।
अधिवक्ता के अनुसार, जब देश आजाद हुआ था, तब ज्ञानवापी परिसर का धार्मिक स्वरूप मंदिर का था। इसलिए वास्तविकता का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से पुरातात्विक सर्वेक्षण कराया जाए।