शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और निगरानी की व्यवस्था रेलवे में बढ़ने जा रही है। बुकिंग टिकट, रिजर्वेशन टिकट, गंदगी, अव्यवस्था, ओवर चार्जिंग, घटिया खानपान और कर्मचारियों के दुर्व्यवहार की शिकायतों के लिए यात्रियों को शिकायत पुस्तिका तलाशने की जरूरत नहीं रहेगी। यात्रा के दौरान या उसके बाद यात्री आसानी से अपनी शिकायतें रेलवे तक पहुंचा सकेंगे।
इसके लिए रेलवे शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) को विस्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। अभी रेलवे बोर्ड स्तर पर चल रही कार्रवाई और निगरानी का स्तर डिवीजन स्तर पर शुरू किया जाएगा। नई प्रणाली के लिए कस्टमरकेयर,इंडियनरेलवेज,जीओवी,इन में भी सुधार की प्रक्रिया चल रही है।
रेलवे ने यात्रियों की शिकायतों के लिए एसएमएस, कॉल और ई-मेल रूट खोल रखे हैं। ई-मेल में यात्री दो तरह से शिकायतें कर सकते हैं। एक, इंडियनरेलवेज.जीओवी.इन के पहले पेज पर ही शिकायत और सुझाव बॉक्स है। इसमें ‘सबमिट’ बॉक्स को क्लिक करते ही यूआरएल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. कस्टमरकेयर.इंडियनरेलवेज.जीओवी.इन पेज खुल जाएगा।
दूसरा, सीधे इस यूआरएल को टाइप किया जा सकता है। इसमें शिकायतें दर्ज कराने वाले यात्री उस पर हुई कार्रवाई को भी जान सकेंगे। इस पर ऑन लाइन निगरानी रखी जा रही है।
अफसरों का कहना है कि इस प्रणाली में यात्रियों की शिकायत सीधे रेलवे बोर्ड में पहुंचती है। इसके बाद जोनल स्तर से होते हुए डिवीजन तक आती है। इस प्रणाली में काफी समय लगने से शिकायतकर्ता यात्री हताश भी होते हैं। नई प्रणाली में यह समस्या भी दूर होने जा रही है।