पर्यावरण असंतुलन से बिगड़ा मौसम चक्र
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पर्यावरण असंतुलन से मौसम चक्र बिगड़ गया है। फरवरी में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ने लगी है। अधिकतम पारा 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पहाड़ी इलाके होने से बुंदेलखंड में गर्मी का ग्राफ अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है।
झांसी में बीते शनिवार से अचानक मौसम का नजारा बदल गया है। पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में आठ डिग्री तो न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो गई है। यह बदलाव लोगों को अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास दिला रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि वायुमंडल में प्रदूषण बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है। कारखाने, वाहन से निकलने वाले प्रदूषण से वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन गैस बढ़ जाती है। इसी के कारण तापमान बढ़ता है। साथ ही जनसंख्या में हो रही वृद्धि से ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। दूसरी तरफ वनों का कटान और कृषि भूमि पर प्लाटिंग हो रही है। पर्यावरण असंतुलन होने से जलवायु परिवर्तन से तापमान में उतार चढ़ाव ज्यादा आ रहे हैं। साथ ही ग्लेशियर पिघल रहे हैं, इससे बर्फबारी प्रभावित हो रही है। इसी के चलते गर्मी में ठंड, ठंड में गर्मी महसूस हो रही है। कम बारिश होना की भी यही वजह है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड पथरीला इलाका है, ऐसे में यहां ठंड और गर्मी दोनों ज्यादा पड़ती है। फरवरी के अंत तक एक-दो डिग्री तापमान बढ़ सकता है।