प्रदेश में हर छत का पानी स्टोर होगा। इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इस उद्देश्य से मंगलवार को राज्य सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक होगी। इसमें ब्रिक्स टीम के सदस्य भी शामिल होंगे।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर योजना कामयाब रहती है तो किसी भी गांव और घर में पानी की कमी नहीं होगी। कहा कि आज तक योजनाएं तो खूब बनीं, मगर ये धरातल पर नहीं उतरी। अब प्रैक्टिकली काम होगा।
कहा कि प्रदेश में पानी की कमी नहीं है। साल भर में बारिश काफी हो जाती है, लेकिन पानी रोके जाने के बजाय ये ऊपर से नीचे को जाता है। बाद में हम इसे नीचे से ऊपरी पहाड़ों की तरफ उठाने की कोशिश करते हैं। जो बहुत महंगा काम है, जिसके लिए बहुत वक्त लग जाता है।
इसके लिए जो भी मास्टर प्लान बनेगा, उसमें ब्रिक्स की मदद ली जाएगी। अगर हिमाचल को भरपूर मदद मिली तो यह प्रदेश का कायाकल्प कर सकता है। शुरुआत में इस पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है। बाद में इसे पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा।
महेंद्र सिंह बोले - सरकाघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायत डरवाड़ के अणसवाई में राजकुमार वर्मा ने रेन वाटर हारवेस्टिंग का एक ऐसा ढांचा खड़ा किया है, जो अपने आप में प्रेरणादायी है। मंगलवार को रखी गई बैठक में राजकुमार वर्मा को भी बुलाया गया है। शिमला शहर में पीने के लिए और शौचालय में इस्तेमाल के लिए अलग-अलग पानी मिलेगा। इसके लिए भी एक पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
कई दिनों से बारिश न होने के चलते वन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सूखे के कारण जंगलों में आग अधिक फैल रही है। इससे चारों ओर धुआं उठ रहा है। आग से लाखों की वन संपदा खाक हो रही है। वन विभाग ने जंगलों में फैल रही आग से कर्मचारियों के अवकाश बंद कर दिए हैं।
चौपाल उपमंडल के जंगलों में सूखे के चलते आग भड़की हुई है। धुएं के कारण विजिबलिटी 500 मीटर से भी कम रह गई है। वन विभाग ने चौपाल वन मंडल के सभी कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर उन्हें अलर्ट कर दिया है। विभागीय कर्मचारी दिन-रात आग बुझाने में जुटे हैं। स्था
नीय लोगों की ओर से बागीचों व खेतों के आसपास आग लगाई जा रही है, जो जंगलों तक पहुंच रही। यदि जल्दी बारिश नहीं हुई तो करोड़ों की वन संपदा, वन्य प्राणी आग की भेंट चढ़ने वाले हैं। डीएफओ चौपाल एमएस चंदेल ने लोगों से आग्रह किया है कि बागीचों की झाड़ियां किसी सुरक्षित स्थान पर देखरेख में जलाएं।
झाड़ियां जल जाएं तो आग को पूरी तरह बुझा दें। जंगलों में आग न लगाएं। साथ ही आग को बुझाने में विभागीय कर्मचारियों का सहयोग करें। वन मंडलाधिकारी ने कहा कि फायर सीजन को देखते हुए विभाग के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर अलर्ट जारी किया गया है।