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कैबिनेट के फैसले: हजारों शिक्षकों का मानेदय बढ़ा, 300 नई नौकरियां

Tue, 29 Nov 2016 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सरकार ने 3240 पैट शिक्षकों का मानदेय बढ़ा दिया है। इसे 2100 रुपये बढ़ाया गया है। करीब 300 नई नौकरियों को मंजूरी दी गई है। इनमें शहरी निकायों में 113 क्त्रिस्याशील पदों, एमबीबीएस के 100 पदों और पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न श्रेणियों के 33 पद भरेंगे।
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कई अन्य विभागों में भी पद भरेंगे। शिक्षा विभाग में 14 साल पूरा करने वाले जलवाहकों और सेवादारों को नियमित किया जाएगा। सोमवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में ये अहम फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार दोपहर दो बजे के बाद राज्य सचिवालय में एक कैबिनेट बैठक हुई। राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों में तैनात 3240 प्राइमरी असिस्टेंट टीचरों की सरकार ने तनख्वाह 2100 रुपये बढ़ा दी है।
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शिक्षकों को ज्यादा वेतन, जलवाहक और सेवादार होंगे रेगुलर

पैट शिक्षकों का मासिक वेतन 8900 से बढ़ाकर 11000 रुपये कर दिया है। वर्तमान में पैट को अगस्त 2013 से 8900 रुपये मानदेय प्रदान किया जा रहा था। ये अध्यापक 10 वर्षों से अधिक लंबे समय से जेबीटी अध्यापकों के रिक्त पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

वेतन बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर प्रति वर्ष सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्राइमरी असिस्टेंट शिक्षक बीते दस साल से जेबीटी के रिक्त पदों पर स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।

मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में 14 साल की नियमित सेवा देने वाले जलवाहकों और सेवादारों को भी नियमित करने का फैसला लिया है। 14 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को 31 मार्च और 30 सितंबर को नियमित किया जाएगा। इस फैसले से वर्तमान में करीब 90 जलवाहक नियमित होंगे।

यहां देखें कहां कितने पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में कैबिनेट की बैठक में प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से कोषाधिकारियों के 7 पदों को भरने, हीरानगर में नवनिर्मित संप्रेक्षण गृह में आईसीपीएस मापदंडों के अनुरूप निर्धारित वेतन पर विभिन्न श्रेणियों के 9 पद सृजित करने और भरने, सीधी भर्ती से बीडीओ के 6 पद भरने, स्वास्थ्य विभाग के वाइटल विंग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (आईटी) के 4 पद भरने, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अनुबंध आधार पर प्रबंधक (आईटी) के दो पद, उप प्रबंधक के दो पद, महिला सशक्तिकरण राष्ट्रीय मिशन योजना के तहत महिलाओं के राज्य स्रोत केंद्र के लिए दो पद सृजित और भरने को स्वीकृति दी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से दो पद अधीक्षक (गृह) भरने, जनजातीय विकास विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक के दो पद, एकीकृत बाल विकास सेवाओं में उपनिदेशक के एक पद को सृजित करने एवं भरने, राज्य के हर मंडलीय आयुक्त के जिला न्यायवादी कार्यालय के लिए अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का एक पद, दैनिक भोगी आधार पर सेवादार का एक पद सृजित करने एवं भरने को स्वीकृति दी गई।

मंत्रिमंडल ने मंडलीय बंदोबस्त अधिकारी कांगड़ा के कार्यालय में अनुबंध पर एक पद आशुटंकक, एक पद चालक का भरने, कांगड़ा जिला के राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में वरिष्ठ प्रवक्ता सहायक का एक पद और एक पद कनिष्ठ प्रवक्ता सहायक के सृजन करने, हिप्पा में सहायक लाइब्रेरियन के एक खाली पद को भरने, नगर परिषद पालमपुर में पंप ऑपरेटर के एक पद भरने, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में प्रदेश में आईसीपीएस के तहत चल रही राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी में दैनिक भोगी के आधार पर एक पद वाचमैन-सेवादार, अशंकालिक आधार पर एक पद सफ ाई कर्मचारी के सृजन करने एवं भरने, टूटीकंडी बाल आश्रम में एक पद नर्स, एक पद बावर्ची और अंशकालिक सफ ाई कर्मचारी का एक पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।

कारोबारियों को राहत, ऑनलाइन शॉपिंग पर 5 प्रतिशत टैक्स

लंबे समय से ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स लगाने वाले सूबे के कारोबारियों को सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ी राहत दी गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर नियम-2005 के संशोधन को मंजूरी दे दी गई।

संशोधन के तहत अब ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये मंगाए गए माल पर ट्रांसपोर्ट कंपनियों को पांच प्रतिशत टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए उन्हें स्थानीय एईटीसी कार्यालय में पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो टैक्स लगने के बाद प्रदेश में ऑनलाइन शॉपिंग महंगी हो जाएगी।

ऐसा इसलिए होगा क्योंकि माल परिवहन करने पर लगने वाले टैक्स को कंपनियां अपने ग्राहकों से वसूल करेंगी। बता दें कि अभी तक ऑनलाइन सामान पर कोई नियंत्रण व टैक्स न लगने के चलते हिमाचल प्रदेश को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा था।

इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों के लिए भी दिक्कतें सामने आ रही थीं। चूंकि व्यापारियों को वैट चुकाना पड़ रहा था और हिमाचल का वैट कई राज्यों से ज्यादा था। इसके चलते स्थानीय दुकानदारों का माल ऑनलाइन साइटों से महंगा बिक रहा था। इसके चलते व्यापारी भी लंबे समय से ऑनलाइन सामान पर टैक्स लगाने की मांग कर रहे थे।

उधर, शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने सरकार के इस फैसले पर खुशी व्यक्त की है। इंद्रजीत ने कहा कि इससे प्रदेश के कारोबारियों को हो रहे नुकसान पर कुछ हद तक लगाम लगेगी।

सरकारी डिपुओं में आएगी मोटी चीनी

खुले बाजार की तरह अब सरकारी डिपो में भी उपभोक्ताओं को ए-वन चीनी मिलेगी। सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में पॉलिसी में बदलाव कर उपभोक्ताओं को डिपो में एम-31 की चीनी देने का फैसला लिया है।

कई वर्षों से उपभोक्ताओं को एस-31 चीनी उपभोक्ताओं को दी जा रही है। ये चीनी बारीक होने के साथ हल्के भूरे रंग की है। ऐसे में इस चीनी को अधिक पंसद नहीं किया जा रहा है। खुले बाजार की बात करें तो क्वालिटी की चीनी की मांग न के बराबर है। एम-31 चीनी अच्छी क्वालिटी होने के कारण यह चीनी अन्य किस्म से महंगी रहती है। मोटा दाना होने के साथ चीनी एकदम से सफेद रंग की है।

मंत्रिमंडल की बैठक में ये भी हुए फैसले

कैबिनेट ने सोमवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा में आवश्यक पदों सहित इंडोक्रिनॉलाजी विभाग को सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने शिमला जिला की ग्राम पंचायत बलगार तथा हमीरपुर के चम्बोह में आवश्यक स्टाफ  सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को मंजूरी दी।

बिलासपुर जिला के कंजयान, लैहड़ी-सरेल, बड्डू सहानी तथा मंडी जिला की ग्राम पंचायत कास में स्टाफ  सहित नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने, बिलासपुर जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हटवाड़ को आवश्यक स्टाफ  सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को मंजूरी प्रदान की गई

कैबिनेट ने लिए ये बड़े फैसले, पढ़ना न भूलें

मंत्रिमंडल ने प्रत्येक नए कृषि पंप कनेक्शन के लिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी स्टार लेवलड मोटर पंप सेट के उपयोग को अनिवार्य बनाने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने सोलन जिले के बद्दी में सरकारी भूमि को केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के निर्माण के लिए भारत सरकार को हस्तांतरित करने को मंजूरी प्रदान की।

बड़ोग विशेष क्षेत्र के लिए विकास योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला के हरोली के पंडोगा में नए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का भी निर्णय लिया। चौपाल की उप तहसील नेरवा तथा सिरमौर जिले की उप तहसील कमारू को तहसील में स्तरोन्नत करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने चंबा जिला के कुठवाड़ा (गेहरा) तथा सलहाण (तीसा) में नए प्राथमिक स्कूल खोलने की भी स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में भू-विज्ञान की स्नात्तकोत्तर कक्षाएं शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में शिमला जिला के तकलेच तथा किन्नौर जिला के कल्पा स्थित पशु औषधालयों को आवश्यक स्टाफ सहित पशु अस्पतालों में स्तरोन्नत करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिला की ग्राम पंचायत तुनन के गांव तुनन में आवश्यक स्टाफ  सहित पशु औषधालय को खोलने की भी स्वीकृति प्रदान की।

नगर निगम शिमला में होंगे अब 37 वार्ड

नगर निगम शिमला में अब 37 वार्ड होंगे। प्रदेश सरकार ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शहरी विकास विभाग की ओर से कैबिनेट की बैठक में नगर निगम सेकंड बिल-2016 लाया गया था, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है।

वर्तमान नगर निगम की परिधि में 25 वार्ड है। इन वार्डों की संख्या 7 हजार या इससे ज्यादा है। ऐसे में शहरी विकास विभाग ने वार्डों को बढ़ाने का फैसला लिया था। उपायुक्त के माध्यम से वार्ड बढ़ाने को लेकर लोगों से आपत्ति और सुझाव भी मांगे गए थे।

इसके बाद ही इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया गया था। सरकार का मानना है कि हिमाचल में सभी वार्डों की संख्या एक समान होगी। जिन वार्डों की संख्या ज्यादा है, उनमें से कुछ भवन मालिकों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। 

दूसरे राज्यों से बिजली लेने वाले उद्योगों पर घटाया सरचार्ज

दूसरे राज्यों से बिजली सप्लाई लेने वाले उद्योगों पर हिमाचल सरकार ने सरचार्ज घटा दिया है। उद्योगपतियों को राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने सरचार्ज की राशि प्रति यूनिट 78 पैसे की जगह 51 पैसे तय कर दी है। राज्य बिजली बोर्ड की ट्रांसमिशन लाइन प्रयोग करने पर सरचार्ज वसूला जाता है।

हिमाचल की कुछ सीमेंट और अन्य औद्योगिक इकाइयां बाहरी राज्यों से सस्ती दरों पर साल में कुछ महीने बिजली सप्लाई खरीदती हैं। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विद्युत (कर) संशोधन विधेयक 2016 को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत उपभोक्ता निर्बाध प्रवेश सुविधा के लिए विद्युत कर तथा भारतीय ऊर्जा विनियम से प्राप्त विद्युत पर 51 पैसे प्रति यूनिट की दर से कर निर्धारण प्रस्तावित किया गया है।

प्रदेश की करीब एक दर्जन औद्योगिक इकाइयां बाहरी राज्यों से सस्ती दरों पर बिजली लेती हैं। बिजली सप्लाई लेने के लिए यह इकाइयां हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड का ट्रांसमिशन नेटवर्क इस्तेमाल करती हैं। इसके लिए बोर्ड को कंपनियां सरचार्ज अदा करती हैं। सरकार ने सरचार्ज राशि को घटाकर उद्योगपतियों को बड़ी राहत दे दी है।

पांच मेगावाट के 95 बिजली प्रोजेक्टों का होगा आवंटन

मंत्रिमंडल ने पांच मेगावाट तक की क्षमता के 95 बिजली प्रोजेक्ट भी आवंटित करने को मंजूरी दी है। हिमाचलियों को 74 और गैर हिमाचलियों को 21 प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। हिमाचलियों को दिए जाने वाले 74 प्रोजेक्ट 126.695 मेगावाट के हैं।

गैर हिमाचलियों को दिए जाने वाले 21 प्रोजेक्ट 76 मेगावाट क्षमता के हैं। मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि अगर कोई बिजली प्रोजेक्ट पांच मेगावाट की क्षमता से अधिक बनता है तो ऐसी कंपनी को पालिसी के तहत निशुल्क बिजली और शुल्क चुकाना पड़ेगा।

सरकार ने 13 मेगावाट क्षमता की लोअर उहल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन अनुबंध को भी निरस्त कर दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से बूट आधार पर सबसे अधिक प्रीमियम बोलीदाता को प्रोजेक्ट आवंटित किया जाएगा।

शराब पैकिंग में छूट का मंत्रियों ने किया विरोध

मंत्रिमंडल बैठक में शराब की पैकिंग में छूट देने को मंजूरी नहीं मिल पाई। ये मामला विचार-विमर्श के लिए गया जरूर, मगर इस पर कुछ मंत्रियों ने विरोध किया। कैबिनेट के सामने विषय लाया गया कि अगर 2000 रुपये तक की कीमत से नीचे वाली शराब की पेटियों की पैकिंग राज्य से बाहर करने की भी छूट दे दी जाए तो कैसा रहेगा।

इसमें कुछ मंत्रियों ने कहा कि इससे हिमाचल की आमदनी घट जाएगी, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जाए। सूत्रों ने बताया कि इससे करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये तक सालाना घाटा होगा। आखिर में ये मामला टर्न डाउन हो गया। कैबिनेट में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के इंटरव्यू खत्म करने पर भी सहमति नहीं बन सकी।  

कबाइली इलाके में जमीन गिरवी रख सकेंगे राष्ट्रीयकृत बैंक
शिमला। कैबिनेट बैठक में हिमाचल प्रदेश भू-हस्तांतरण (विनियमन संशोधन) विधेयक-2016 को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत अब कबाइली इलाकों के लोग प्रदेश में संचालित राष्ट्रीयकृत बैंक में जमीन गिरवी रखकर लोन ले सकेंगे। अभी तक इसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती थी।
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हिमाचल में फड़ी-छाबे वालों को बसाएगी सरकार

हिमाचल सरकार ने फड़ी और छाबे वालों को बसाने का फैसला लिया है। इनको स्थायी रूप से रोजगार चलाने के लिए सरकार स्टॉल और दुकानें बनाकर देगी। हिमाचल में जोन वाइज इन छाबे वालों को बसाया जाएगा।

सोलन, शिमला, धर्मशाला, हमीरपुर में इन फड़ी-छाबे वालों की संख्या ज्यादा है। इन लोगों ने सड़क किनारे दुकानें लगाई होती हैं। इससे लोगों को चलने में दिक्कतें पेश आती हैं। ऐसे में इन लोगों को शहरों से उठाकर आसपास कहीं दूसरे स्थान पर दुकानें बनाकर बसाया जाएगा।

सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी विकास विभाग की ओर से मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे नियमों में संशोधन के लिए प्रस्ताव लाया गया था। इसे सर्वसहमति से मंजूरी दी गई है।
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