फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इतने माह तक नहीं बढ़ेंगे दालों के दाम, जानिए क्या है वजह

Mon, 08 Jan 2018 02:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

उपभोक्‍ताओं को राशन डिपो में फिलहाल मौजूदा दामों पर दालें मिलती रहेंगी। सरकार दालों के दामों पर लगातार नजर बनाए रखे है। दलहन फसलों की बाजार में आवक बढ़ने से अगले पांच से छह महीनों तक दालों के दाम स्थिर रह सकते हैं। 

विज्ञापन



मौजूदा समय में सरकार के पास दालों का पर्याप्त स्टॉक है। अगले महीने से नई फसलों की खेप घरेलू बाजार में आना शुरू हो जाएगी। पहले माना जा रहा था कि दालों की उपज पर सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिए जाने से दालों के दाम बढ़ सकते हैं, लेकिन पहले से स्टॉक की उपलब्धता से दाम पर असर पड़ने के अब आसार नहीं हैं। 

शिमला अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव कमलेश गुप्ता का कहना है कि किसानों को एमएसपी स्तर पर दालों के दाम मिलने के बावजूद घरेलू बाजार में इसका खास असर नही पडे़गा
विज्ञापन


क्योंकि सरकार के पास दालों का पर्याप्त स्टॉक है। कई राज्यों से अगले महीने से दालों की नई फसलें बाजार में आना शुरू हो जाएंगी। इस स्थिति में सरकार के गोदाम में दालों का और स्टॉक बढ़ जाएगा।

विज्ञापन

ये हैं दालों के दाम

घरेलू बाजार में चना, मूंग और उड़द के वर्तमान दाम 70 रुपये प्रति किलो है। मसूर, राेंगी और मलका 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है।

इन राज्यों से आएंगी नई दालें
फरवरी में चना महाराष्ट्र से आना शुरू होगा। मार्च में मसूर और मलका की आपूर्ति उत्तर प्रदेश, अप्रैल में मूंग की सप्लाई बिहार से आना शुरू होगी। फरवरी से सितंबर तक मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्रप्रदेश से चना, अरहर, उड़द, मूंग और मसूर की दालें बाजार में आएंगी।

दालों की थोक कीमत
दालें            दाम (प्रति क्विंटल रुपये में)
चना            5400
अरहर            6000-6600
उड़द            5000-6500
मूंग                6500-7000
मसूर                4600
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें