बारिश के कहर से कालका कालोनी, कासिम नहर और शेख नगर में बुधवार को आधा दर्जन के करीब झुग्गियां बह गई। कई मकानों में दरारें आ गईं। लोग पानी का कहर देकर सहम गए। शहर और आसपास इलाकों में तीन हजार से ज्यादा झुग्गियां हैं, जिनके लिए बुधवार का दिन आफत लेकर आया। झुग्गियों में रहने वाले लोगों के घरेलू सामान का ज्यादा नुकसान हुआ।
उक्त कालोनियों में बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण आधा दर्जन झुग्गियां बह गईं। इससे लोगों में अफरातफरी मच गई। चिल्लाने की आवाज सुनते ही लोग इकट्ठा हुए, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
गंग्याल, मरखाड़ी, ग्रेटर कैलाश, तालाब तिल्लो, पूर्ण नगर, भगवती नगर, निटको लाइन, विकास लाइन, बसंत विहार, पौनी चक्क, नई बस्ती, संजय नगर, नानक नगर, जगती नगरोटा, मराठी मोहल्ला, बागड़ मंडी, छन्नी हिम्मत और छन्नी इलाके में 3 हजार से ज्यादा झुग्गियां हैं।
यहां यूपी, विहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से आए मजबूर तबके के लोग रहते हैं। बारिश के कहर ने इनके लिए खासी मुश्किलें खड़ी कर दी थी। बाग-ए-बाहु के शहबाद नगर में वन विभाग की एक दीवार टूट गई, जो कि एक मकान पर गिरी।
तवी में पांच घोड़े बहे, एसडीआरएफ ने बचाए
जम्मू। पीरखो तवी नदी में बुधवार पानी के तेज बहाव में पांच घोड़े बहने लगे तो एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर घोड़ों को बचाया। बताया जा रहा है कि शाम के वक्त बोधराज तवी नदी के किनारे से घोड़ों को लेकर गुजर रहा था कि अचानक तेज बहाव पानी घोड़ों को अपने साथ बहा ले गया। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने घोड़ों को बचा लिया।