मौजूद समय में कालका से शिमला 96 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेनों को करीब साढ़े 5 घंटे का समय लग जाता है। ट्रेन की स्पीड बढ़ाकर इसे 3 घंटे करने की तैयारी है।
आज लखनऊ लौटेगी आरडीएसओ टीम
ट्रायल शेड्यूल पूरा होने के बाद मंगलवार को आरडीएसओ टीम वापस लखनऊ लौटेगी और निदेशक आरडीएसओ को ट्रायल रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर रेलवे बोर्ड स्पीड बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेगा।
दिसंबर में 35 किलोमीटर की रफ्तार से इंजन का ट्रायल हुआ था। ट्रायल रिपोर्ट के आंकलन के बाद रेलवे बोर्ड ने 32 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार को हरी झंडी दे दी है। अब कोच के साथ हो रहे संयुक्त ट्रायल के आधार पर रेलवे बोर्ड अंतिम मंजूरी देगा।
ट्रायल के दौरान जांचा गया सस्पेंशन सिस्टम
35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर ट्रायल के दौरान कोचों का सस्पेंशन सिस्टम जांचा गया। तेज रफ्तार में गाड़ी चलने पर यात्रियों को झटका न लगे इसका बारीकि से निरीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान खाली कोच में वजन के लिए ब्रेक ब्लॉक रखे गए थे। कोचों में 1.80 से 3 टन तक वजन रखा गया था।