उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीडीसी) के 10 अधिकारियों के खिलाफ संस्था को घाटे में पहुंचाने, सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट पंतनगर थाने में दर्ज कराई गई है। आरोपी अधिकारियों पर टीडीसी को 16 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर पर हुई जांच के बाद सरकार के निर्देश पर उप मुख्य कार्मिक अधिकारी सीके सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में टीडीसी के पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ.पीएस बिष्ट, कंपनी सचिव आरके निगम, मुख्य अभियंता पीके चौहान, मुख्य बीज उत्पादन अधिकारी डॉ.दीपक पांडे, उप मुख्य वित्तीय अधिकारी बीडी तिवारी, लेखाधिकारी अतुल पांडे, उप मुख्य विपणन अधिकारी अजीत सिंह, एके लोहनी, प्रशासनिक अधिकारी शिवमंगल त्रिपाठी, लेखाकार जीसी तिवारी को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ धारा 409 और 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपी अधिकारियों में से पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ.पीएस बिष्ट पंतनगर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। वह टीडीसी में प्रतिनियुक्ति पर बतौर प्रबंध निदेशक कार्यरत रहे थे।
मुख्य अभियंता पीके चौहान को 30 जून को सेवानिवृत्ति से चार दिन पूर्व शासन ने निलंबित कर दिया था। उप मुख्य विपणन अधिकारी एके लोहनी और प्रशासनिक अधिकारी शिवमंगल त्रिपाठी भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि लेखाधिकारी अतुल पांडे का देहांत हो चुका है।