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फर्जी असलहा लाइसेंसों के दस्तावेज भी निकले जाली, गायब कर दी गईं 60 फाइलें

Sat, 24 Aug 2019 05:52 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में असलहा बाबू की अलमारी का ताला तोड़े जाने के बाद खुलासा हुआ है कि फर्जी असलहा लाइसेंसों के दस्तावेज भी जाली हैं। फर्जी लाइसेंसों पर जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत के फर्जी साइन की पुष्टि तो जांच कमेटी ने पहले ही कर दी थी। फर्जीवाड़े के सबूत मिटाने की हड़बड़ी में असली लाइसेंसों की 60 फाइलें भी गायब कर दी गईं। दस्तावेजों के साथ खाली स्टांप मिले हैं।
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अमर उजाला ने एक अगस्त को फर्जी असलहा लाइसेंस जारी होने का खुलासा किया था। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में वरासत में रिवाल्वर का फर्जी लाइसेंस जारी होने की पुष्टि हुई थी। जांच रिपोर्ट में रायफल और बंदूक के दो और लाइसेंस जारी कराने की बात कही गई थी। इन दोनों असलहों की किताब (बुकलेट) जारी नहीं हो सकी थी। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि 90 फर्जी लाइसेंस जारी हुए हैं। इनमें से 73 की बुकलेट भी जारी हो गई हैं। सी

डीओ ने गुरुवार को असलहा बाबू विनीत की अलमारी का ताला तुड़वाकर सभी फाइलें और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे। सभी फाइलों की जांच के बाद सीडीओ ने जिलाधिकारी को बताया है कि फर्जी लाइसेंस जारी करने में जाली दस्तावेज लगाए गए हैं। जिलाधिकारी ने एक साल में 90 वैध लाइसेंस जारी किए थे। इनमें से 60 लाइसेंस की फाइलें भी गायब मिलीं। सिर्फ 30 लाइसेंस की फाइलें मिली हैं। बनाए गए फर्जी 90 लाइसेंसों की फाइलें ही नहीं मिली हैं।
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इसलिए फर्जीवाड़ा कर लाइसेंस जारी करने की बात को बल मिलता है। अन्य अभिलेखों में कुछ खाली स्टांप मिले हैं। आशंका है कि जाली दस्तावेज बनाने में मनमुताबिक हलफनामा बना लिया जाता था। अब जांच टीम अस्पताल में भर्ती बाबू विनीत के बयान दर्ज करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। 

सीडीओ और एडीएम आपूर्ति की अब तक की जांच में फर्जी असलहा लाइसेंसों के दस्तावेज भी जाली पाए गए हैं। सीडीओ रविवार को अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। इसके बाद विभागीय कार्यवाही और रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
- विजय विश्वास पंत, जिलाधिकारी

सबूत मिटाने की हड़बड़ी में असली फाइलें भी उड़ाईं
फर्जी असलहा जारी होने का खुलासा होने के बाद भी अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई गई। इससे बाबुओं और अन्य संबंधित लोगों को सबूत मिटाने का मौका मिल गया। अमर उजाला ने पहले ही खुलासा किया था कि फर्जी लाइसेंस जारी करने के सबूतों से छेड़छाड़ की गई है। सात अगस्त को असलहा विभाग के दो बाबू देर रात दफ्तर में रुककर फाइलें पलटते रहे थे। उसी दौरान असलहा बाबू विनीत भी रात में करीब नौ बजे दफ्तर पहुंचा था। उसने अपनी अलमारी खोलकर फाइलें देखी थीं। अब असली लाइसेंसों की फाइलें भी गायब होने पर कयास लगाए जा रहे हैं कि हड़बड़ी में असली लाइसेंस की फाइलें भी गायब कर दी गईं।
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