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फर्जीवाड़ा: हिस्ट्रीशीटर पर 31 मुकदमे फिर भी बन गया रिवॉल्वर लाइसेंस, चौंकाने वाला खुलासा

Sat, 24 Aug 2019 11:12 AM IST
शिखा पांडेय आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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असलहा लाइसेंस के फर्जीवाड़े के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिससे पता चलता है कि फर्जीवाड़ा काफी पहले से हो रहा है। खुलासा हुआ है कि कानपुर देहात में रहने वाले एक हिस्ट्रीशीटर ने कानपुर से रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवा लिया। इसकी हिस्ट्रीशीट पहले खुली और लाइसेंस बाद में बना।
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हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ हत्या, वसूली, अपहरण और गैंगस्टर के 31 मुकदमे दर्ज हैं। थाना बर्रा इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने हेड मुंशी के हवाले से बताया कि मंगलपुर पुलिस ने जांच शुरू की है।

कानपुर में असलहा लाइसेंस जारी करने में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद कानपुर देहात के एसपी अनुराग वत्स ने जांच-पड़ताल शुरू करवाई तो खुलासा हुआ कि मुंडेरा किन्नर थाना मंगलपुर के हिस्ट्रीशीटर लायक सिंह पुत्र कुंवर सिंह का रिवाल्वर का लाइसेंस बर्रा थाने से बना है।
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लाइसेंस में उसका पता कुंती नगर बर्रा का दिया है। इस पते पर उसका बेटा रहता है। 29 जुलाई 2004 को जारी उसका रिवॉल्वर लाइसेंस नंबर 231 है। इसी साल इसका नवीनीकरण भी हुआ है। लोकसभा चुनाव के समय सत्यापन में इसका खुलासा हुआ। उसके बाद मामला ठंडा पड़ गया। 

मंगलपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर का लाइसेंस कानपुर नगर से बनने की जानकारी हुई है। तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द कानपुर के जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
- अनुराग वत्स, एसपी कानपुर देहात

कानपुर देहात के एसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर हिस्ट्रीशीटर को लाइसेंस जारी होने की जांच भी कराई जाएगी।
- विजय विश्वास पंत, जिलाधिकारी कानपुर
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