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45 घंटे बाद बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, बिजली सुचारु का काम शुरू

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फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद - फोटो : Archive
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झज्जर। मांगें माने जाने के बाद बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल को समाप्त किया। इसके बाद बिजली कर्मचारियों ने खराब हुई बिजली को सुचारु करने का काम भी शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा।
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जिले में शुक्रवार रात तक करीबन 150 गांवों में बिजली गुल रही। अधिकतर गांवों में 48 घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली सुचारु नहीं हो सकी, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते निजी कंपनियों के कर्मचारियों से बिजली को सुचारु करने का काम किया।
शहर झज्जर के सिटी नंबर-चार इलाके में बुधवार रात 10 बजे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होते बिजली गुल हो गई। इस कारण इस क्षेत्र के लोगों को करीबन 42 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। वहीं, बाद में निजी कंपनी के कर्मचारियों की तरफ से बिजली को ठीक कराने का काम किया गया, लेकिन कुछ देर के बाद फिर से बिजली गुल हो गई। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
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इसके अलावा शहर में पहले दिन कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही, जिसमें शहर के भट्टी गेट, अग्रसेन चौक, देवनगर, रेवाड़ी रोड, रोहतक रोड, पुलिस लाइन सहित अन्य कई इलाके शामिल रहे। इसके बाद प्रशासन की तरफ से वीरवार-शुक्रवार रात के समय में कई जगहों की बिजली को ठीक कराने का काम किया गया। इस दौरान भट्टी गेट, पुलिस लाइन व अग्रसेन चौक सहित अन्य कई जगह शामिल रही, लेकिन अगले दिन शुक्रवार की सुबह से शाम तक भट्टी गेट, मॉडल टाउन सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली गुल रही।
शहर की अनाज मंडी में वीरवार-शुक्रवार की पूरी रात बिजली गुल रही, जिसके बाद शुक्रवार की सुबह करीबन सात बजे सुचारु हो पाई। इस दौरान अनाज मंडी में बिजली नहीं होने के कारण आढ़तियों के इलेक्ट्रिक कांटे चार्ज नहीं हो पाए। इसके चलते शुक्रवार को झज्जर मंडी में कम फसल की ही तुलाई हो पाई। शुक्रवार को बिजली सुचारु होने के बाद पहले की तरह काम जारी रहा।
जिले में दूसरे दिन भी बिजली कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन किया। शहर के बिजली निगम कार्यालय के प्रांगण में धारा 163 लागू होने के बाद भी बिजली कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
वहीं, बिजली कर्मचारियों के धरने को किसान संगठनों, आशा वर्करों, बार एसोसिएशन झज्जर, हरियाणा ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारियों, सर्व कर्मचारी संघ, मल्टी पर्पज वर्कर, हरियाणा रोडवेज यूनियन कर्मचारियों सहित अन्य यूनियन ने समर्थन किया।
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वर्जन
सरकार के साथ बिजली कर्मचारियों की हुई वार्ता के बाद बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। सरकार ने बिजली कर्मचारियों की मांग पर सहमति बनाई है। इसके साथ बिजली कर्मचारियों ने खराब हुई बिजली को सुचारु करने का काम शुरू कर दिया है।
रामदर्शन कौशिक, यूनिट प्रधान, बिजली कर्मचारी यूनियन

वर्जन
जिले में करीबन 150 गांवों में बिजली बाधित रही। इसके अलावा शहर की बिजली को सुचारु किया जा चुका है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते निजी कंपनी के कर्मचारियों से बिजली को सुचारु कराया गया है। अन्य जगहों पर खराब बिजली को ठीक कराने का काम किया जा रहा है।
यशबीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

फोटो 99: बहादुरगढ़ में बिजली सप्लाई चालू होने के बाद सड़क हुई रोशन। संवाद- फोटो : Archive

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