बसें चुनाव में लगीं, यात्रियों को झेलनी पड़ रही परेशानी
खुर्जा। दिल्ली और मेरठ जाने वाले यात्रियों को बस और अन्य सार्वजनिक वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में लोग मजबूरी में प्राइवेट टैक्सियों में सफर करने को मजबूर हैं। खुर्जा से अलीगढ़ और लखनऊ की बसों की दिक्कत भी बढ़ गई है। बुलंदशहर और खुर्जा से गाजियाबाद के लालकुआं तक जाने वाली प्राइवेट टैक्सियां भी सड़कों से गायब हैं।
चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। इसका असर दैनिक यात्रियों के सफर पर पड़ने लगा है। बसें नहीं मिलने से खुर्जा और बुलंदशहर से अन्य जिले व प्रदेश में जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिन से बस अड्डा पर तीन से चार घंटे इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिल रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्घनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को हो रही है। खुर्जा रोडवेज बस अड्डा, पहासू बस अड्डा, मुंडाखेड़ा चौराहा, जेवर अड्डा और शिकारपुर तिराहा पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ जमा हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत नौकरी पेशा लोगों को है, जिनको दफ्तर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं। इस स्थिति में लोग प्राइवेट गाड़ियों को बुक करके निकल रहे हैं।
डेढ़ से दो हजार में मिल रही गाड़ी
प्राइवेट चालक दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ तक जाने के लिए लोगों से 1500 से दो हजार रुपये तक का किराया वसूल रहे हैं। ऐेसे में किसी पारिवारिक समारोह या जरूरी कार्य के लिए लोग महंगे वाहनो को भी बुक करके निकल रहे हैं। बस नहीं मिलने के कारण ऑटो चालक भी मनमानी वसूल कर रहे हैं।
पहासू- छतारी के लिए भी नहीं मिल रही बस
खुर्जा से पहासू, छतारी और अरनिया तक जाने के लिए स्थानीय स्तर पर निजी बस और कार चलती हैं, लेकिन चुनाव में वाहन अधिग्रहण के कारण निजी बस नहीं मिल रही हैं।
मेरठ जाने के लिए सुबह नौ बजे कई घंटे रोडवेज बस अड्डे पर खड़ा रहा, लेकिन कोई बस नहीं मिली। बुलंदशहर रूट और हापुड़ की भी बस नहीं आ रही हैं।
-राशिद
दो दिन से दिल्ली की बस की किल्लत हो रही है। शुक्रवार को टैक्सी में चले गए थे, लेकिन शनिवार को टैक्सी भी नहीं मिली। ऐसे में अन्य यात्रियों के साथ मिलकर कार बुक की थी।
- नीरज
गभाना जाना था, लेकिन सुबह से अलीगढ़ की बस नहीं मिल रही। घंटों बस अड्डे पर इंतजार किया। इसके बाद ऑटो बदल-बदल कर जाना पड़ा।
- मुकेश
सभी बसें चुनाव में नहीं लगाई गई हैं। प्रमुख रूट की कुछ बस चल रही हैं। शनिवार को अक्सर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में दिक्कत रहती है।
- उमेश सिंह आर्य, एआरएम, रोडवेज खुर्जा