10jjrp08- शहीद रमेश कुमार माडल संस्कृति स्कूल में भूकंप के दौरान बैंचों के नीचे छिपते विद्यार्थ
झज्जर। वीरवार सुबह दो मिनट के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। सुबह 9:04 मिनट पर पहला और 9:06 बजे दूसरा झटका महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र झज्जर शहर से 3 किमी पूर्व रामपुरा गांव रहा। भूकंप के झटके रोहतक, सोनीपत, नारनौल समेत 100 किमी दूर तक महसूस किए गए।
सुबह भूकंप के झटके लगते ही लोग डर के मारे अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 रही। धरती में गहराई 10 किमी रही।
भूकंप से बीकानेर चौक स्थित शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल स्कूल के कुछ बच्चे बैंच के नीचे छिप गए। आर्य नगर में झटकों से छह फीट लंबी दीवार गिर गई। गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि रास्ता काफी देर तक बाधित रहा। एक निजी स्कूल की दीवार में दरारें भी आ गईं।
लाइन में प्लेटें टकराने से आते हैं फॉल्ट : डॉ. चंद्रमोहन
मौसम विशेषज्ञ एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल के भूगोलविद् डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि भूकंप का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया है। दिल्ली-एनसीआर में पांच फाॅल्ट लाइन हैं। इनमें महेंद्रगढ़-देहरादून, दिल्ली-मुरादाबाद, दिल्ली-सरगौधा रिज और दिल्ली-हरिद्वार रिज शामिल है। इन फाॅल्ट लाइन में ही जमीन की अंदरूनी प्लेट आपस में टकराती हैं। इस प्रकार के छोटे-छोटे भूकंप से बड़े भूकंप का खतरा कम हो जाता है। वजह, छोटे भूकंप से पृथ्वी की ऊर्जा रिलीज होती रहती है।
10jjrp08- शहीद रमेश कुमार माडल संस्कृति स्कूल में भूकंप के दौरान बैंचों के नीचे छिपते विद्यार्थ