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हड़ताल पर रहे चिकित्सक, बिना उपचार लौटे मरीज

Sat, 23 Apr 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
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मरीज - फोटो : अमर उजाला
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रुड़की। जसपुर के सरकारी अस्पताल में ओपीडी के दौरान एक चिकित्सक की गोली मारकर हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को रुड़की में भी सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान बिना उपचार ही मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। खासतौर से इमरजेंसी सेवाएं ठप होने के कारण लोगों की फजीहत हुई। दूसरी ओर आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने भी सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल का समर्थन किया। साथ ही काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान ओपीडी के अलावा इमरजेंसी सेवाएं भी ठप रहीं। गंभीर रूप से जख्मी और घायलों को भी इमरजेंसी में उपचार नहीं मिल सका। झबरेड़ा में एक दवा फैक्ट्री में सिलेंडर फटने से घायल हुए कई कर्मियों को भी बिना उपचार निजी चिकित्सालयों की शरण लेनी पड़ी। बच्चे का उपचार कराने सिविल अस्पताल पहुंचे सोनू कुमार का कहना है कि अचानक अस्पताल आकर मालूम चला कि यहां चिकित्सकों की हड़ताल है। ऐसे में अब निजी चिकित्सक के पास जाना मजबूरी है। इस संबंध में सिविल अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि जसपुर में एक चिकित्सक की गोली मारकर हत्या के मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर सरकारी डाक्टर हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सिविल अस्पताल में भी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप रहीं, हालांकि पोस्टमार्टम का कार्य सुचारु रहा। दूसरी ओर शहर में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

पोस्टमार्टम सेवा भी करेंगे ठप
सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी की हड़ताल के बाद चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जसपुर में चिकित्सक की हत्या के मामले में अगर तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो पोस्टमार्टम सेवाएं भी ठप कर दी जाएंगी।
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