अधिकारी मेयर पर खूब मेहरबान हैं। वहीं दूसरी ओर पार्षद अपने वार्ड में विकास के लिए एजेंडा बनवाने के लिए धक्के खा रहे हैं, लेकिन उनके एजेंडे कमेटी की बैठकों में नहीं आ रहे। तीन बार स्थगित होने के बाद सोमवार को बिजली कमेटी की बैठक चेयरमैन मुकेश बस्सी के नेतृत्व में हुई। इसमें कुल 23 एजेंडे पास होने के लिए आए, लेकिन इनमें से 15 एजेंडे मेयर अरुण सूद के वार्ड (सेक्टर-37, 38) के शामिल थे।
नगर निगम की बिजली कमेटी की बैठक में सभी एजेंडों को पास कर दिया गया। बैठक के दौरान अकाली पार्षद हरजिंदर कौर ने सवाल उठाया कि उनके वार्ड के एजेंडे क्यों नहीं बन रहे हैं। उधर, डिप्टी मेयर हरदीप सिंह के वार्ड के भी एजेंडे नहीं बन रहे हैं, इस कारण पास होने के लिए कमेटी के पास नहीं आ पाए। डिप्टी मेयर हरदीप सिंह का कहना है कि उनके वार्ड के 4-5 एजेंडे हैं, जो कई माह पहले उन्होंने बनने के लिए दिए थे, लेकिन वह कमेटी में पास होने के लिए नहीं आ रहे हैं।
कमेटी के चेयरमैन मुकेश बस्सी का कहना है कि बैठक में स्टाफ की कमी पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को एक प्रस्ताव बनाकर अगली बैठक में लाने के लिए कहा गया है ताकि अस्थायी तौर पर कर्मचारी एक साल के लिए रखे जा सकें। बस्सी का कहना है कि अधिकारियों को यह भी कहा है कि सभी पार्षदों के एजेंडे प्रमुखता के अनुसार बनाए जाएं। बैठक में पूर्व मेयर सुभाष चावला ने अपने एरिया की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मामला उठाया।
सेक्टर-25 से धनास पुल को जाने वाली लाइटें बंद
सेक्टर-25 से धनास पुल को जाने वाली स्ट्रीट लाइटें काफी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। धनास गांव के सरपंच कुलजीत सिंह का कहना है कि वह इन लाइटों को ठीक करवाने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। वह संबंधित डिवीजन के एसडीओ की भी शिकायत सलाहकार से कर चुके हैं।