दंतेवाड़ा पुलिस ने दो वर्ष पहले लापता रामदई कश्यप की तलाश में छानबीन करते हुए हत्या का मामला उजागर किया। पति पांडू के नजदीकी संबंध की नाराजगी में कमली करटम ने साजिश रचकर रामदई की हत्या कराई, शव नाले किनारे दफनाया गया।
दंतेवाड़ा पुलिस ने दो वर्ष पहले गुम हुई एक महिला की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने जांच के दौरान दो महिलाओं को आरोपी बनाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लापता लोगों की तलाश के दौरान यह मामला सामने आया।
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दंतेवाड़ा कोतवाली थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा ने बताया कि गुमशुदा रामदई कश्यप की खोजबीन के लिए टीम गठित की गई थी। टीम ने मामले की नए सिरे से जांच की। 12 मई 2026 को परिजनों के बयान और कॉल डिटेल की जांच की गई। जांच में पता चला कि रामदई का पांडु करटम से लगातार बात हो रहा था। उनके बीच नजदीकी संबंध भी थे। 13 मई 2026 को ग्राम तोयलंका में ग्रामीणों से पूछताछ की गई। ग्रामीणों ने बताया कि रामदई कश्यप दंतेवाड़ा में रहती थी। 15 मई 2026 को रामबती करटम से पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
रामबती ने बताया कि रामदई कश्यप का कमली करटम के पति के साथ नजदीकी संबंध था। इसकी जानकारी कमली करटम को थी और वह नाराज थी। कमली ने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर रामदई की हत्या की साजिश रची। कमली ने अपने पति की पहली पत्नी की बेटी लक्ष्मी करटम को दंतेवाड़ा भेजा। रात में कमली ने फोन पर रामदई के घर में होने की जानकारी ली।
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कमली ने पिकअप वाहन से हुंगाराम को दंतेवाड़ा भेजा। हुंगाराम ने घर में घुसकर रामदई कश्यप का मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। शव को रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच पिकअप वाहन में रखकर तोयलंका में नाले किनारे दफनाया गया। कमली की निशानदेही पर दंडाधिकारी गरिमा प्रधान और फोरेंसिक विशेषज्ञ वसीम अकरम की मौजूदगी में शव निकाला गया। पुलिस को मौके से सफेद प्लास्टिक बोरी में मानव कंकाल बरामद हुआ, जिसे पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया। 21 मई 2026 को लक्ष्मी नाग और कमली करटम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।