छत्तीसगढ़ का 'नियाग्रा जलप्रपात' कहलाने वाला चित्रकोट जलप्रपात इन दिनों पूरे शबाब पर है। करीब 90 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी की गर्जना दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे इसकी खूबसूरती और निखर गई है। चित्रकोट जलप्रपात को देखने के लिए हर वर्ष बस्तर, छत्तीसगढ़ के अलावा देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
शहर में लगातार हो रही बारिश से महारानी अस्पताल मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सड़क पर पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं करंजी के आगे एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। स्थानीय ग्रामीण पेड़ को काटकर रास्ता साफ करने में जुटे हैं।
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उधर जगदलपुर-सुकमा मार्ग की घाटी में लोहे से भरा एक भारी सामान सड़क पर गिर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन और स्थानीय लोग सामान हटाकर मार्ग बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण तीरथगढ़ और चित्रकोट जलप्रपात दोनों ही पूरे उफान पर हैं। 90 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। बारिश थमने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।