उत्तराखंड को केंद्र सरकार से मिली सौगात पर फिलहाल ब्रेक लगता नजर आ रहा है। अब यह मामला परिवहन मंत्रालय पहुंच गया है। मंत्रालय से अग्रिम कार्रवाई होने के बाद ही अब काम शुरु हो सकेगा।
चारधाम ऑल वैदर रोड़ को ऋषिकेश से पौड़ी से जोडने के लिए उठाया गया मुद्दा केंद्रीय परिवहन विभाग के पास पहुंच गया है। केंद्रीय सड़क परिवहर एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडग़री ने पत्र भेजकर अग्रिम कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है।
इस मामले में इंदू देवी बिष्ट निवासी ग्राम मकलोड़ी कंडवालस्यूं ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था कि पौराणिक धार्मिक पैदल यात्रा मार्ग ऋषिकेश, नीलकंठ, ब्यास जी की ब्यास चट्टी, श्री डांडा नागराजा मंदिर होते हुये ग्राम मकलोडी, जवाड़ा घीड़ी जनपद पौड़ी से होते हुये खिर्सू, रुद्रप्रयाग, चमोली से श्री बद्रीनाथ जी के धाम संपन्न होती आ रही है।
यदि इस पौराणिक यात्रा मार्ग पर ही टनल, पुल बनाते हुये आल वेदर रोड बनायी जाती है तो ऋषिकेश से श्री बद्रीनाथ धाम तक की कुल दूरी में 124 किलोमीटर की कमी होकर वास्तविक दूरी 176 किलोमीटर रह जायेगी। ऋषिकेश-ब्यासचट्टी-मकलोडी घीड़ी जनपद पौड़ी की सरहद से गुजरनें वाले पौराणिक धार्मिक पैदल मार्ग को ही टनल व तीन-चार मोटर पुल निर्मित कर पौड़ी खिर्सू होते हुये रुद्रप्रयाग-चमोली से बद्रीनाथ धाम व अंतिम सीमा तक बनाया जाता है तो ऋषिकेश से जिला मुख्यालय पौड़ी तक 2 घंटे में आया जाया जा सकता है। इससे पिछड़े क्षेत्र यमकेश्वर, द्वारीखाल, कोट, कल्जीखाल, पाबौ, खिर्सू ब्लाक के निवासियों को नजदीकी चिकित्सा शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं पलायन भी रुक जायेगा।