शीतकालीन विधानसभा सत्र के बाद अब मुख्यमंत्री दोबारा शीतकालीन प्रवास के लिए धर्मशाला जाएंगे। गणतंत्र दिवस के बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होगा। प्रवास की अवधि अधिकतम दस दिन की रहेगी।
इस दौरान प्रदेश के कांगड़ा, चंबा जिले के अलावा दूसरे मैदानी हिस्सों के लोगों की समस्याएं सुनने की परंपरा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का शीतकालीन प्रवास कार्यक्रम पहले 20 जनवरी के बाद प्रस्तावित बताया जा रहा था। इसी बीच 17 जनवरी से उनका दिल्ली का दो दिवसीय दौरा आ गया।
दिल्ली में जीएसटी काउंसिल और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बैठक के बाद उन्हें 25 जनवरी को कुल्लू के आनी में होने वाले राज्यत्व दिवस में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करनी है।
इसके बाद गणतंत्र दिवस का शिमला में कार्यक्रम है, जिसके बाद उनका शीतकालीन प्रवास का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय फिलहाल उनका कार्यक्रम तैयार कर रहा है, जिस पर सीएम के दिल्ली से लौटने के बाद ही मुहर लगेगी।