नारनौल। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की अध्यक्ष रितु वाई.के. बहल ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले में खुडाना के रामावतार की मुआवजा दावा याचिका खारिज कर दी। उन पर 2,000 रुपये वकील की फीस के रूप में प्रतिवादी को अदा करने का आदेश भी दिया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, 8 फरवरी 2023 की शाम वह अपने दोस्त उमेद सिंह के साथ बाइक पर जा रहा था। तभी खुडाना गांव के पास विपरीत दिशा से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में रामावतार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने दावा किया कि उसके उपचार पर करीब 15 लाख रुपये खर्च हुए तथा उसे 62 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हो गई।
दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद न्यायाधिकरण ने पाया कि एमएलआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) के अनुसार रामावतार को एक निजी एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था और उस समय उसके साथ कोई परिजन या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था जबकि जिरह के दौरान उसने कहा कि दुर्घटना के करीब 20 मिनट बाद उसके पिता मौके पर पहुंचे और वे उसे कार से अस्पताल लेकर गए।
न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि घटना के समय बाइक पर सवार बताए गए प्रत्यक्षदर्शी उमेद सिंह को गवाही के लिए पेश नहीं किया गया। इससे याचिकाकर्ता के दावे पर संदेह उत्पन्न हुआ।
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार रामावतार होश में था और बाद में उसे बयान देने के लिए पूरी तरह फिट घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद उसने 11 दिनों तक पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी।