झींझक में मंगलपुर थाना क्षेत्र के सड़रामऊ गाव में बारात की बस में तार छू जाने से करंट उतर आया और चालक की मौत हो गई। परिचालक ने खिड़की से कूदकर जान बचाई। चालक रात को वापसी के लिए बस बैक कर रहा था।
सड़रामऊ गांव निवासी राम सिंह की बेटी रेनू की बारात काकादेव कानपुर निवासी श्याम किशोर के घर से आई थी। शनिवार रात करीब 10 बजे श्याम किशोर बस यूपी 35 एच 8836 से बारात लेकर सड़रामऊ गांव पहुंचा। द्वारचार व खाना होने के बाद करीब तीन बजे बस चालक बब्लू प्रसाद (28) पुत्र जोगेंद्र निवासी नसीमाबाद फजलगंज कानपुर और हेल्पर राहुल पुत्र पप्पू निवासी छोटा लखनपुर कानपुर नगर वापस जाने के लिए गांव के रोड पर ही बस बैक करने लगा।
इस दौरान ऊपर से निकला बिजली का तार बस की छत में टकरा गया। इससे बस में करंट उतर आया। हेल्पर राहुल शोर मचाकर खिड़की से नीचे कूद गया। चालक बब्लू ने बस से उतरने के लिए जैसे ही अपने साइड की खिड़की खोली, वह वहीं चिपक गया। कुछ देर बाद ट्रांसफार्मर से फ्यूज उड़ने के कारण सप्लाई बंद हो गई। तब लोगों ने चालक को बस से नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। घटनास्थल पर गए चौकी प्रभारी कंचौसी राजीव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है।
बारातियों से भरी बस तीन पलटी खाई
फर्रूखाबाद। कानपुर से कायमगंज जा रही बारातियों से भरी बस रविवार दोपहर को कमालगंज क्षेत्र में बघार नाले के पास बेकाबू होकर पलट गई। तीन बार पलटा खाकर बस सीधी हो गई। दुर्घटना में दूल्हे के भाई समेत आठ बाराती घायल हो गए। अन्य बारातियों को हल्की चोर्टें आईं। घायलों को पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया। दो घायल लोहिया अस्पताल रेफर किए गए।
कानपुर के अफीमकोठी निवासी छोटे सिंह के पुत्र पवन कुमार राठौर की बारात कायमगंज के रुदायन निवासी कारे के घर जा रही थी। उसकी पुत्री शिखा से शादी तय हुई थी। बारातियों से भरी बस आगे थी और दूल्हे की गाड़ी पीछे चल रही थी। बस में 25 लोग बैठे हुए थे। कमालगंज थाना क्षेत्र में बघार नाले के पास मोड़ होने पर बस के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे बस पलट गई।
बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि तीन बार पलटा खाकर वह सीधी हो गई। हादसे में दूल्हे के भाई अरविंद सिंह राठौर के अलावा कानपुर निवासी अनिल, गोपाल, कैलाश, निशांत सिंह चौहान, मोनू व दो अन्य बाराती घायल हो गए। मौका पाकर बस चालक फरार हो गया। निशांत सिंह चौहान और मोनू की हालत गंभीर होने पर उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ट्रक की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत
मुंगीसापुर। चचेरे भाई के तिलक समारोह में शामिल होने के बाद देर रात मामा के घर जा रहे पिता व पुत्र को ट्रक ने रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई।
डेरापुर थाने के गांव मुंगीसापुर निवासी शिवकास (30) कई वर्षों से दिल्ली में परिवार समेत रहता है। शनिवार सुबह वह अपने पुत्र विक्की (3) के साथ चचेरे भाई कल्लू के तिलक में शामिल होने पैतृक गांव मुंगीसापुर आया।
तिलक के बाद रात करीब 11 बजे वह दिल्ली लौटने के लिए बस पर सवार हुआ लेकिन रास्ते में विचार बदल गया और अपने मामा राजकिशोर निवासी कांधी के घर जाने की बात बताई। कांधी गांव के सामने हाइवे पर बस से उतरकर वह पैदल सड़क पार करने लगा।
उसी समय कांधी पुलिया के पास ट्रक ने दोनों को रौंद दिया। बाद में पुलिस पहुंची और मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि शिवकास के परिवार में पत्नी गीता, बड़ा पुत्र व एक पुत्री है, जो इस समय दिल्ली में हैं। शिवकास के भाई सुभाष चंद्र ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि ट्रक वाला भाग निकला।