झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय एवं नगर निगम चुनाव की तिथि अविलंब घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार को रांची नगर निगम कार्यालय के समक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महानगर इकाई की ओर से विशाल महाधरना आयोजित किया गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने की। महाधरना में रांची महानगर के सैकड़ों कार्यकर्ता, पार्षद, पूर्व जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
महाधरना को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और नगर निकाय चुनाव के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है। मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले पांच वर्षों से नगर निगम और नगर निकाय चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं, जिससे शहरी स्थानीय स्वशासन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
'ईवीएम से मतदान कराया जाए'
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उच्च न्यायालय में नहीं उठाया होता, तो सरकार चुनाव कराने की जरूरत भी नहीं समझती। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने चुनाव की तैयारी तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई है, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से मतदान कराया जाए।
धरना को संबोधित करते हुए निवर्तमान डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार नगर निकाय चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत साफ नहीं है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है।
'बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा'