पुत्री के साथ शादी का कार्ड दिखाते माता-पिता।
- फोटो : Amar ujala
आरबीआई के आदेशों के बावजूद बैंक शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये देने में आनाकानी कर रहे हैं। भुगतान करने से पहले ही हलवाई, गेस्ट हाउस, टेंट हाउस के बिल बाउचर मांग रहे हैं। जिससे लोग मजबूरी में अपने सहयोगियों, रिश्तेदारों से उधार लेकर शादियां करने के लिए मजबूर हैं। कस्बा निवासी जल निगम कार्यालय में तैनात लिपिक भगवानदास सविता ने बताया कि 24 नवंबर को उसकी बेटी वंदना की शादी है।
घर में तैयारियां चल रही हैं। उसका खाता मुख्यालय स्थित पंजाब नेशनल बैंक में है। शाखा प्रबंधक पैसा नहीं निकाल रहे हैं। जिससे शादी की तैयारियां अधूरी पड़ी हैं। बताया कि शाखा प्रबंधक उससे फर्नीचर, गेस्ट हाउस, किराना आदि के पहले से ही बिल मांग रहे हैं। इसी तरह राजू गुप्ता नदेहरा, मंजू गुप्ता पचखुरा बुजुर्ग, श्यामलाल प्रजापति देवगांव भी शादी का कार्ड लेकर भुगतान लेने के लिए इलाहाबाद बैंक आए थे। लेकिन बैंक में कैश न होने के चलते दो-दो हजार रुपये देकर टरका दिया गया। शाखा प्रबंधक रोहित कुमार ने कहा कि आरबीआई की गाइड लाइन में बिल बाउचर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।