फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर बवाल : हर तरफ से बरस रही थीं गोलियां

Fri, 16 Sep 2016 10:46 PM IST
टीम डिजिटल
विज्ञापन
bijnor bawal - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गोलियों की आवाज से दहल उठा गांव
विज्ञापन

गांव पेद्दा शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। गांव में गोलियों की आवाज सुनकर सनसनी फैल गई। चंद मिनटों में ही खूनी खेल खेला गया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सुबह उठने पर उनको गांव में यह नजारा देखना पड़ेगा। गांव में चौतरफा खून बहा देख हर कोई दंग रह गया।
गांव पेद्दा में रोज की तरह ग्रामीण अपने काम काज में लगे थे। कोई जंगल जाने की तैयारी कर रहा था तो कोई मजदूरी पर जा रहा था। सुबह उठने पर किसी ने यह नहीं सोचा था कि थोड़ी देर में क्या होने वाला है। छेड़खानी को लेकर नया गांव के लोगों ने गांव पेद्दा में हथियारों के साथ जब धावा बोला तो किसी की समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है। गोलियों की तड़तड़ाहट से लोग सहम उठे। छतों की ओर देखा तो रायफल, बंदूक और तमंचे लिए लोग गोलियां बरसा रहे थे। 
विज्ञापन

गोलियों से बचने के लिए लोग इधर-उधर भाग रहे थे। तभी पथराव शुरू हो गया। पथराव से गांव में भगदड़ मच गई। गोलियां बरसाने वाले गांव में हथियार लहराते घूमते रहे। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। गांव में खून का तांडव चलता रहा। कोई किसी की मदद के लिए बाहर नहीं आया। सभी घरों में छिप कर चुपचाप खूनी खेल देखते रहे। थोड़ी देर में ही गांव में खून बह गया। पुलिस को सूचना दी गई। 
एसपी देहात धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस के सामने भी कातिल तांडव करते हुए भागे। कातिलों को किसी का डर नहीं था। गांव में थोड़ी देर में ही माहौल खराब हो गया। गांव के लोग गुटों में बंट गए। घटना को अंजाम देकर कातिल जंगलों के रास्ते भाग निकले। पुलिस ने कातिलों की तलाश की, पर कोई नहीं मिला। थोड़ी देर में ही गांव छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस की गाड़ियां गांव में दौड़ने लगी।

मेरठ में भाग्यश्री हॉस्पिटल में भर्ती सलाउद्दीन का कहना है कि वो पल काफी खौफनाक थे। हर तरफ से गोलियां बरस रही थीं। चंद पलों में हर तरफ खून ही खून था और चीख पुकार मची थी। कुछ लोगों ने घरों में घुसकर जान बचाई तो कुछ लोग नालियों में गिर गए। उसकी शर्ट भी खून से लाल हो चुकी थी। वहीं भाग्यश्री में ही भर्ती गोली लगने से घायल हुआ मोहम्मद रिजवान अपनी ससुराल आया था। रिजवान के परिजनों का कहना है कि अगर बवाल का जरा भी अहसास होता तो हम अपने बच्चे को नहीं भेजते। सरस हॉस्पिटल की आईसीयू में भर्ती शादाब का कहना है कि वो घटना के वक्त अपने साथियों के साथ बैठा था, अचानक से भीड़ को आते देखा। उसे लगा कि लोग किसी रैली में जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच मारपीट शुरू हो गई। उसके कुछ ही पलों में गोलियां चलने की आवाज आईं। उसके बाद वह अचानक से गिर गया। जब होश आया तो जिला अस्पताल में था।

bijnor bawal
गांव में चलता रहा अफवाहों का दौर
बिजनौर के गांव पेद्दा में अफवाहों का दौर भी खूब चला। गांव में कभी आरोपी पक्ष के जंगल में देखे जाने तो कभी घरों की छतों पर देखे जाने को लेकर अफवाह उड़ती रहीं। कभी गांव वाले जंगल की ओर दौड़ते तो कभी किसी के घर के सामने जमा हो जाते। पुलिस भी सजग रही। कुछ परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
गांव में दिनभर माहौल बेहद गरम रहा। गांव में दिनभर कभी आरोपियों के गांव में होने तो कभी जंगलों में देखे जाने की अफवाह उड़ती रही। अफवाहों को सुनकर कभी मृतकों के परिजन मकानों को घेरते तो कभी जंगलों में भागते। दूसरे पक्ष के कई गांव वालों के घरों का घेराव किया। गांव के बाहर की ओर बने मलखान सिंह के घर पर एक आरोपी के होने की अफवाह सुनकर युवाओं ने उनके घर को घेर लिया। घर को घिरा देखकर मलखान के परिजन छतों पर चढ़ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनको हटाया। घरवालों को बाहर बुलाने की कोशिश की तो उन्होंने नीचे आने और दरवाजा खोलने से मना कर दिया। कुछ पुलिसकर्मी दीवार कूदकर अंदर पहुंचे और परिवार से वार्ता की। बाद में कुछ पुलिसकर्मी दीवार फांदकर घर में कूदे और गेट खुलवाया। पुलिस अधिकारियों ने परिवार से वार्ता की और घर की तलाशी ली तो वहां कोई आरोपी नहीं मिला। बाद में परिवार के सदस्यों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
 

bijnor bawal - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर संघर्ष में मरने वालों के परिजनों को 20-20 लाख
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजनौर में छेड़छाड़ की घटना के बाद हुए खूनी संघर्ष की घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये तथा घायलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है।
बिजनौर में खूनी संघर्ष की घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा व अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी बिजनौर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी। अखिलेश ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसमें मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के मुकम्मल इलाज की व्यवस्था कराने को भी कहा है। 

दरोगा और सिपाही सस्पेंड
गांव पेद्दा में बवाल के दौरान एक दरोगा, पुलिसकर्मी व होमगार्ड के साथ गांव में मौजूद रहा। आरोप है कि दरोगा ने भी खूब गोलियां चलाईं। बाद में दरोगा अपनी कार छोड़कर पुलिसकर्मियों के साथ भाग गया। एसपी उमेश श्रीवास्तव ने दरोगा व सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।
शहर कोतवाली में तैनात दरोगा अनुराग चौधरी, सिपाही रावेंद्र नया गांव के एक होमगार्ड के साथ घटना की सूचना पर गांव पहुंचे। ग्राम प्रधान पति अनीस अहमद ने डीआईजी ओंकार सिंह को बताया कि गांव में आकर दरोगा ने अपनी रिवाल्वर से खूब फायरिंग की। दरोगा के सामने ही कातिल गोलियां चलाते रहे, पर दरोगा ने किसी को नहीं रोका। बाद में दरोगा अपनी कार गांव में छोड़कर भाग गया।
कई बार कॉल करने पर नहीं उठा थाने का फोन
ग्राम प्रधान पति अनीस अहमद के मुताबिक, उन्होंने आठ बजकर पांच मिनट पर थाने के 100 नंबर पर तीन कॉल कीं, पर किसी ने फोन नहीं उठाया। एसपी, डीएम को कॉल की तो उन्होंने भी कॉल रिसीव नहीं की। दरोगा को कॉल की तो उल्टे दरोगा ने उन्हें ही डांट दिया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

हमलावरों पर लगेगी रासुका: एडीजी
 एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि गांव पेद्दा की घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों पर रासुका लगेगी। सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना की पुनरावृत्ति न हो, ऐसी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना में जो लोग शामिल हैं, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों को उकसाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस पूरी नजर रख रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि घटना में जो पुलिस वाले संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों अफसरों ने किया गांव का दौरा
बिजनौर। गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा व एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह ने गांव पेद्दा का दौरा किया। दोनों अफसर मृतक अनीसुद्दीन व अहसान के घर गए व परिजनों से घटना की जानकारी ली। कातिलों ने कहां से गोलियां बरसाई और कैसे घटना को अंजाम दिया इसके बारे में पूछताछ की। दोनों अफसरों ने मकानों की छतों पर जाकर भी सारे हालात देखे।

 

bijnor bawal - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर से सटे गांवों में विशेष चौकसी के आदेश, की जा रही वाहन चेकिंग
पड़ोसी जनपद बिजनौर में शुक्रवार सुबह छात्रा से छेड़खानी को लेकर हुए सांप्रदायिक बवाल से जहां लखनऊ तक हिल गया। वहीं मुरादाबाद मंडल में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बिजनौर से सटे गांवों में विशेष चौकसी के साथ ही संदिग्ध वाहनाें की चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा अधिकारियों ने अधीनस्थों को आदेश दिए हैं कि महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की धड़पकड़ की जाए।
शुक्रवार सुबह बिजनौर में एक छात्रा के साथ दूसरे समुदायों के युवकों ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने घर पहुंच कर इस हरकत की शिकायत परिजनों से की। इसके बाद परिजन हथियार लेकर आरोपियों के घर पहुंच गए। उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से बिजनौर में बवाल हो गया। वेस्ट यूपी के मुजफ्फर नगर में हुए तीन साल पहले छेड़खानी की घटना को लेकर सांप्रदायिक दंगे की घटना लोेगों के जेहन में दौड़ने लगी। बिजनौर में घटना के बाद मुरादाबाद मंडल के अमरोहा, रामपुर, संभल और मुरादाबाद में हाई अलर्ट जारी कर कर दिया गया है। सभी जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। जबकि छात्राओं के स्कूल जाने वाले रास्तों पर पुलिस तैनात करने के आदेश भी दिए गए हैं। सभी थानेदार और सीओ को आदेश दिए गए हैं कि खुद मौके पर जाकर ड्यूटी चेक करें। जबकि स्कूल और कालेज जाकर छात्राओं से बात कर उनसे पूछे  कि कहीं किसी छात्रा को कोई शिकायत तो नहीं है। शोहदे व असामाजिक तत्व उन्हें तंग तो नहीं कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।
विज्ञापन

bijnor bawal - फोटो : अमर उजाला
460 पुलिस कर्मी बिजनौर भेजे गए
बवाल की सूचना के बाद मुरादाबाद से 460 पुलिस कर्मियों को बिजनौर ड्यूटी में भेजा गया है। इसके अलावा पीएसी बल भी बिजनौर कॉल कर लिया गया है। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष, एडीजे लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी बिजनौर पहुंचे। जबकि आईजी विजय सिंह मीणा और डीआईजी ओंकार सिंह बिजनौर में डेरा डाले हुए हैं। बिजनौर जाने वाले संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही है।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें