बीएचयू परिसर बुधवार की शाम एक बार फिर सुलग उठा। लूटपाट जैसे मामले में न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट पर पुलिस ने बिरला हॉस्टल में रहने वाले छात्र आशुतोष सिंह को गिरफ्तार किया तो गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों का एक गुट उपद्रव पर उतर आया।
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नकाबपोश छात्रों ने बीएचयू का सिंहद्वार बंद कर दिया। इसके बाद परिसर के अंदर अस्पताल, एटीएम, संकायों, हॉस्टलों व एलडी गेस्ट हाउस के सामने और विश्वनाथ मंदिर के आसपास की दुकानों के बाहर खड़ी मरीजों, तीमारदारों, प्रोफेसरों, चिकित्सकों की करीब 125 से अधिक गाड़ियाें में तोड़फोड़ की।
एनसीसी ऑफिस के पास दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस फूंक दी और पेट्रोल पंप में आग लगाने की कोशिश की। साथ ही नरिया गेट पर ताला जड़ दिया। बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स बीएचयू गेट खुलवाकर परिसर के बाहर ही खड़ी रही तो अंदर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। तकरीबन दो घंटे बाद छात्रों का उपद्रव थमा तो भी परिसर की फिजा में दहशत की गंध थी।
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पहुंचीं फोर्स लेकिन अंदर आने की नहीं मिली अनुमति
बीएचयू कैंपस के बाहर फोर्स की तैनाती
- फोटो : अमर उजाला
बीते नवंबर में आईआईटी बीएचयू में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के विरोध के दौरान मारपीट, कैमरा लूटने, लैपटॉप तोड़ने सहित अन्य आरोपों में बिरला हॉस्टल में रहने वाले छात्र आशुतोष सिंह के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
लंका पुलिस ने बुधवार को दोपहर बाद आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया। हॉस्टल के छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो वे समूह में सिंहद्वार पहुंच गए। शाम करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने सिंहद्वार बंद कर नारेबाजी शुरू की।
छात्रों की बढ़ती तादाद को देखते हुए कुछ ही देर में गेट के बाहर कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति न होने के कारण परिसर के अंदर नहीं गई।
आधे घंटे तक गेट पर नारेबाजी के बाद छात्रों ने पहले वहां लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने की कोशिश की। कैमरा नहीं तोड़ सके तो उसके तार काटे और फिर वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए महिला महाविद्यालय चौराहे पर पहुंचे।
दहशत के वो दो घंटे
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- फोटो : अमर उजाला
यहां से उपद्रवियों का हुजूम सर सुंदरलाल अस्पताल गेट, चिकित्सा अधीक्षक ऑफिस के रास्ते आगे बढ़ा और जहां जोे भी वाहन खड़े मिले, उनमें जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दुकानों और एटीएम में तोड़फोड़ करते हुए उपद्रवी एनसीसी ऑफिस पहुंच गए।
वहां नरिया गेट बंद करने के बाद कैंपस से निकल रही दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस में आग लगा दी। करीब डेढ़ घंटे तक तोड़फोड़, आगजनी, पत्थरबाजी के बावजूद कहीं कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया।
शाम पौने छह बजे तक पूरे परिसर में अराजकता के बीच मरीजों, तीमारदारों के साथ ही अस्पताल कर्मियों और विश्वविद्यालय के छात्रों-प्राध्यापकों में दहशत रही।
ड्यूटी प्वाइंट्स छोड़कर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी इधर-उधर खिसक लिए थे। उधर, सिंहद्वार पर एसपी सिटी दिनेश कुमार, चार सीओ, 11 थानेदार और एक कंपनी पीएसी खड़ी तमाशा देखती रही। शाम छह बजे माहौल सामान्य हुआ और नरिया गेट पर लटकाया गया ताला सुरक्षाकर्मियों ने तोड़ा तो आवागमन शुरू हुआ।
विश्वविद्यालय के सिंहद्वार पर दहशत में लोग
- फोटो : अमर उजाला
मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने कहा कि छात्र अचानक इस तरह बवाल शुरू कर देंगे, इसका अंदाजा नहीं था। एक स्थान से दूसरे स्थान पर उपद्रवी तोड़फोड़ और आगजनी करते रहे। पता नहीं चल पा रहा था कि वे कब किधर जा रहे हैं।
फिर भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई। परिसर में अशांति फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर जेल भेजा जाएगा। बीएचयू गेट पर फोर्स तैनात है और परिसर में लंका एसओ चक्रमण कर रहे हैं। बीएचयू प्रशासन की मांग पर हॉस्टलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। हर 15 दिन के भीतर माहौल खराब करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।