अजमेर दरगाह शरीफ़ में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 811वां उर्स रविवार को कुल की रस्म के बाद संपन्न हो गया और जन्नती दरवाजा भी बंद कर दिया गया। शांति से चल रहे उर्स के अंतिम दिन से पहले शनिवार आधी रात के बाद दरगाह में हुई नारेबाजी को लेकर बरेलवी और खादिम आपस में भिड़ गए। इससे अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
बरेलवी उलेमाओं को शाहजहांनी और अकबरी मस्ज़िद में तकरीर न करने देने के पत्र से विवाद
सूत्रों के मुताबिक बरेलवी उलेमाओं को शाहजहांनी मस्जिद और अकबरी मस्ज़िद में तकरीर न करने के अंजुमन कमेटी सचिव के पत्र के बाद से ही विवाद पैदा हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार रात दो बजे शाहजहांनी मस्जिद में एक ग्रुप में नारेबाजी की तो तनाव पैदा हो गया।