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देखिए श्रमशक्ति एक्सप्रेस का कैसे हो रहा है गलत इस्तेमाल

Wed, 15 Mar 2017 12:37 PM IST
राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार


- मगध एक्सप्रेस को राइट टाइम चलाने में श्रमशक्ति समय की पटरी से उतरी
- नई दिल्ली से मगध एक्सप्रेस बनाकर बिहार भेजी जा रही श्रमशक्ति
- बाद में पहुंचने वाली मगध को श्रमशक्ति बनाकर भेजा जा रहा
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श्रमशक्ति एक्सप्रेस
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विस्तार
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नई दिल्ली से इस्लामपुर (बिहार) के बीच चलने वाली मगध एक्सप्रेस को राइट टाइम करने के चक्कर में कानपुर की वीआईपी ट्रेन श्रमशक्ति एक्सप्रेस समय की पटरी से उतर गई है।
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14 मार्च को छोड़ दें तो यह ट्रेन लगातार 15 फरवरी से कानपुर देरी से पहुंची है। दरअसल लंबी दूरी (1063 किलोमीटर) होने के कारण मगध एक्सप्रेस अक्सर अपने निर्धारित समय सुबह 11:50 पर न पहुंचकर तीन-चार घंटे देरी से नई दिल्ली पहुंचती है। इसके बाद साफ-सफाई में करीब छह घंटे लगने के कारण यह अपने तय समय (रात 8 बजे) पर नहीं चल पाती।

 

डेमो पिक
इस कारण पहले पहुंचने वाली श्रमशक्ति को वहां से मगध एक्सप्रेस बनाकर राइट टाइम पर रवाना कर दिया जाता है, जबकि मगध को श्रमशक्ति बनाकर कानपुर भेजा जाता है। इसके चलते श्रमशक्ति यहां देरी से आती है। ट्रेनों की यह अदला बदली 15 फरवरी से चल रही है। कानपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली श्रमशक्ति एक्सप्रेस को पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने चलवाई थी।

यह ट्रेन रात 11:55 बजे कानपुर से चलकर सुबह साढ़े छह बजे दिल्ली पहुंचती है। साफ-सफाई के बाद यह ट्रेन रात 11:55 बजे नई दिल्ली से चलकर सुबह साढ़े छह बजे कानपुर आती है। इसका समय उपयुक्त होने के कारण कई वीआईपी भी इसी ट्रेन को तरजीह देते हैं। वहीं सुबह साढ़े छह बजे पहुंचने के बाद यह ट्रेन दिल्ली स्टेशन पर खड़ी रहती है।

 
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डेमो पिक
इसके चलते ठीक आठ बजे इस ट्रेन को नई दिल्ली से मगध एक्सप्रेस बनाकर रवाना कर दिया जाता है, लेकिन बिहार से देर से आने के कारण मगध को साफ-सफाई के बाद श्रमशक्ति के रूप में कानपुर भेजने में यह ट्रेन एक से डेढ़ घंटे लेट हो जाती है। इस कारण यहां देरी से पहुंचती भी है।

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार कहते हैं मगध एक्सप्रेस को सही समय पर चलाने के लिए श्रमशक्ति एक्सप्रेस को इस्तेमाल किया जा रहा है। रही बात श्रमशक्ति के लेटलतीफी की, तो इसके लिए रेलवे बोर्ड को रिव्यू के लिए लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर कोई फैसला होगा।

मार्च में श्रमशक्ति इतनी देरी से आई
1 मार्च : एक घंटा 10 मिनट
2 मार्च : 30 मिनट
3 मार्च : दो घंटे 20 मिनट
4 मार्च : 30 मिनट
5 मार्च : दो घंटे 10 मिनट
6 मार्च : दो घंटे 30 मिनट
7 मार्च : एक घंटा 25 मिनट
8 मार्च : एक घंटा 20 मिनट
9 मार्च : एक घंटा 25 मिनट
10 मार्च : एक घंटा 35 मिनट
11 मार्च : 20 मिनट
12 मार्च : 45 मिनट
13 मार्च : 40 मिनट
14 मार्च : राइट टाइम
 
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